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पालिका परिषद का बंदर पकड़ने का अभियान फिर रुका

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ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह से फसल तहस नहस कर रहे बंदर। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। विकासखंड के विभिन्न क्षेत्रों में बंदरों का आतंक है। इससे लोग परेशान हैं। यहां डढोली क्षेत्र में बंदरों ने चंद दिनों में 12 से अधिक बुजुर्गों को को काट दिया। इससे लोगों में गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि कटखने बंदर फसल और सब्जियों को तबाह कर चुके हैं।
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डीएम को भेजे ज्ञापन में राज्य आंदोलनकारियों ने बताया कि बाली देवी पत्नी आन सिंह, खिमुली देवी, बचे सिंह, तुलसी देवी, खीम सिंह, भगवती देवी, अमर सिंह, नंदन सिंह, प्रेम सिंह समेत कई लोगों को बंदर काट चुके हैं। कहा गया है कि डढोली में बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान हो गए हैं। इनके उत्पात से फसल, फल, फूल, सब्जियां नष्ट हो चुकी हैं। यह बंदर गांव में खड़े चीड़ के करीब 400 पेड़ों में भी रहते हैं। ग्रामीणों ने इनकी कटाई और लॉपिंग भी कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में राज्य आंदोलनकारी चंदन नेगी, मनोज अधिकारी, वीरेंद्र बजेठा, दीपा आर्या, मनोज मेहरा, राकेश मठपाल, हेमंत बजेठा, बालम अधिकारी, प्रताप गोस्वामी, कुंदन अधिकारी, गणेश पाल सिंह आदि रहे।
पालिका परिषद का बंदर पकड़ने का अभियान फिर रुका
अल्मोड़ा। शहरी क्षेत्र में बंदर पकड़ने का अभियान सप्ताहभर बाद फिर रुक गया है। पालिका परिषद ने पिछले दो सप्ताह बुधवार और बृहस्पतिवार के दिन बंदर पकड़े जा रहे थे और शुक्रवार को पकड़े गए बंदरों का एनटीडी स्थित मृग विहार में बधियाकरण किया जा रहा था। पिछले दो सप्ताह में पालिका परिषद ने करीब दो दर्जन बंदर पकड़े और बधियाकरण कर उन्हें दूर जंगल में छोड़ दिया था, लेकिन इस सप्ताह पालिका परिषद का बंदर पकड़ने का अभियान फिर रुक गया है। पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी श्याम सुंदर प्रसाद ने बताया कि बधियाकरण के लिए बेहोशी की दवा समाप्त हो गई है। इससे इस सप्ताह बंदर नहीं पकड़े गए। दवा मंगाई गई है। अगले सप्ताह से फिर बंदर पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
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