द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। द्वाराहाट ब्लाॅॅक के सरकारी स्कूलों में पर्याप्त चावल न मिलने से मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना प्रभावित हो रही है। शिक्षा विभाग प्रत्येक विद्यालय को प्रतिमाह केवल 20 दिन के लिए चावल उपलब्ध करा रहा है जबकि अधिकतर विद्यालयों में बच्चों की औसत उपस्थिति 20 से 25 दिन तक रहती है।
पूर्ति विभाग का कहना है कि शिक्षा विभाग जितने कार्य दिवसों की डिमांड भेज रहा है। उतने दिन का राशन दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग का कहना है कि पूरे कार्य दिवसों की डिमांड भेजी जा रही है, लेकिन राशन कम दिया जा रहा है।
विद्यालयों में नियमित उपस्थिति वाले छात्रों के भोजन के लिए चावल जुटाने में शिक्षकों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हम पहले ही पढ़ाई के साथ अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं। अब बच्चों का भोजन बनाने के लिए चावल के लिए दौड़ लगानी पड़ रही है।
द्वाराहाट के ही एक अन्य स्कूल की शिक्षिका ने कहा कि बच्चे भूखे लौटें, यह हम नहीं चाहते, लेकिन सीमित मात्रा में आने वाले चावल से हर दिन का भोजन निकालना असंभव है। लोगों का कहना है कि शिक्षा और खाद्यान्न विभाग के बीच तालमेल की कमी के चलते एमडीएम योजना पर असर पड़ रहा है और नियमित भोजन बनाने की प्रक्रिया शिक्षकों के लिए सरदर्द बनती जा रही है।
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कोट-
शिक्षा विभाग से जितने दिन के चावल की डिमांड आती है। उतने दिन का चावल भेज दिया जाता है। वर्तमान में बीआरसी के माध्यम से 20-25 दिन की डिमांड की जा रही है। - आलोक गंगोला, खाद्य निरीक्षक द्वाराहाट
कोट-
विभाग की ओर से माह के सभी कार्य दिवसों की डिमांड दी जा रही है। पूर्ति विभाग से ही कम राशन दिया जा रहा है। इससे दिक्कत हो रही है। - वंदना रौतेला, खंड शिक्षा अधिकारी द्वाराहाट