द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। चौपट होती खेती किसानी, बढ़ते पलायन और शराब के बढ़ते प्रचलन से आजिज द्वाराहाट की महिलाओं ने अब खुले मंच से एलान कर दिया है कि इन मुद्दों को लेकर काम करने वाले प्रत्याशी को ही इस बार वोट करेंगी।
बात ही नहीं वरन उम्मीदवार उन्हें लिखित आश्वासन भी देगा। कहा कि पूर्व में भी कई लोगों ने आश्वासन दिए, लेकिन जीतने के बाद इन मुद्दों की तरफ ध्यान तक नहीं दिया। बंदर, लावारिस जानवर खेती चौपट कर रहे हैं। शराब का प्रचलन इस कदर बढ़ गया है कि भुखमरी की नौबत आ गई है।
महिला एकता परिषद के 25 वर्ष पूरे होने पर जालली डाक बंगले में बैठक का आयोजन किया गया। कोविड के कारण इस बार सम्मेलन नहीं किया गया। बैठक में युवाओं के गांव से बढ़ते पलायन पर चिंता व्यक्त कर महिलाओं ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण पलायन बढ़ता जा रहा है। यदि सरकार कृषि और पानी पर ठोस नीति बनाए तो युवा स्वरोजगार करने को तैयार हैं।
सभी महिला वक्ताओं ने मुफ्त बिजली और मुफ्त राशन से पलायन नहीं रुकने की बात की। कहा कि हमें मुफ्त राशन नहीं बल्कि सभी हाथों को काम चाहिए। यदि रोजगार होगा तो आत्मविश्वास से जीवन यापन कर सकेंगे। वक्ताओं ने नेताओं के धर्म जाति के विवादों से बचने का आह्वान किया। सभी ने एक मत से तय किया कि इस बार उसी प्रत्याशी को वोट देंगे जो गांव में आकर लिखित रूप से कहेंगे कि ग्रामीण कृषि को बचाने के लिए उपाय किए जाएंगे।
शराबबंदी होगी और पलायन रोकने के लिए कार्य किए जाएंगे। बैठक में बंदरों और सुअरों के कारण समाप्त हो रही खेती को बचाने के लिए महिला एकता परिषद के नेतृत्व में पांच जनवरी से पहाड़ी कृषि बचाओ अभियान चलाने का निर्णय लिया।
महिला एकता परिषद की अध्यक्ष दुर्गा बिष्ट की अध्यक्षता में परिषद की महासचिव मधुबाला कांडपाल ने संचालन किया। बैठक में हेमा नेगी, पुष्पा रावत, दुर्गा बिष्ट, गीता मेहरा, शोभा रावत, पुष्पा देवी आशा देवी सहित ग्राम बिठोली, कांडे, सुनाडी, बाड़ी, बेडुली सिमलगांव, चौंरा, सनडे, सिलंग, बयेडा आदि की महिलाओं ने प्रतिभाग किया।