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खटीमा कांड की 22वीं बरसी पर शहीदों को याद किया

Thu, 01 Sep 2016 10:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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अल्मोड़ा में जनगीत गाकर शहीदों को याद करते उपपा कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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  खटीमा कांड की 22वीं बरसी पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पहली शहादत देने  वाले खटीमा के शहीदों को याद किया गया। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की ओर से चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में हुए कार्यक्रम में खटीमा के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।वक्ताओं ने सरकार पर गैरसैंण में राजधानी बनाने के नाम पर लोगों को छलने का आरोप लगाया।
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उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी  तिवारी ने कहा कि पिछले 16 सालों से उत्तराखंड में राज करने वाले राजनीतिक  दलों ने शहीदों के सपनों के साथ विश्वासघात कर लूट खसोट और मनमानी से राज्य को तबाह कर दिया है। पूर्व प्रधानाचार्य गिरीश जोशी, राज्य आंदोलनकारी  कमला जोशी, अधिवक्ता प्रभा पांडे ने कहा कि राज्य आंदोलन के सपनों को साकार  करने के लिए एक बार फिर प्रखर आंदोलन करने की जरूरत है। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड आज खनन, भू और शराब माफियाओं का स्वर्ग बन गया है। सत्ता में बैठे लोगों को गरीब, बेरोजगारों और आम जनता की कोई परवाह नहीं है।

उन्होंने  कहा कि खटीमा, मसूरी, मुज्जफरनगर कांड के हत्यारों को दंडित नहीं करना और  राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण न बनना राज्य में हताशा और आक्रोश का कारण बन गया है। कार्यक्रम में जनगीतों के माध्यम से राज्य के सपनों को  साकार करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में अनूप तिवारी, जीवन चंद, कौशल  पंत, बसंत राम, उदय किरौला, रेखा धस्माना, लीला आर्य, आनंदी मनराल, ललित  चौधरी, प्रेम आर्या, अजय तिवारी, मनोज तिवारी, देवी लाल साह, भावना जोशी,  कंचना तिवारी, गोपाल राम मौजूद थे। संचालन उपपा के केंद्रीय सचिव  अमीर्नुरहमान ने किया।
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