अल्मोड़ा। शहर के माल रोड पर स्थित केमू स्टेशन का भवन जीर्ण-शीर्ण हालत में है। कई सालों से भवन में रंगरोगन नहीं हुआ है। अल्मोड़ा में 1952 में पहली बार केमू की बस सेवा शुरू हुई थी। शुरू में कुमाऊं में सिर्फ नौ बसों से केमू का संचालन प्रारंभ हुआ और आज पूरे कुमाऊं में केमू की 400 से अधिक बसें चलती हैं।
आजादी से पहले अल्मोड़ा समेत कुमाऊं क्षेत्र में केमू की बस सेवाएं ही उपलब्ध थीं। उस दौर में टैक्सी, जीप आदि का संचालन नहीं होता था। 1939 में कुमाऊं के हल्द्वानी में केमू की स्थापना की गई थीं। 1952 में पहली बार अल्मोड़ा में केमू की बस सेवा शुरू हुई थीं। 1952 में ही अल्मोड़ा में केमू स्टेशन स्थापित किया गया। तब स्टेशन कक्ष किराये के भवन में चलता था।
बाद में माल रोड में रोडवेज के निकट केमू स्टेशन स्थापित किया गया। केमू के पास रोडवेज की अपेक्षा बसें खड़ी करने के लिए अधिक स्थान उपलब्ध है लेकिन केमू स्टेशन भवन जीर्ण-शीर्ण हालत में है। इससे खतरा बना हुआ है। भवन में लंबे समय से रंगरोगन नहीं किया गया है। शुरुआती दौर में अल्मोड़ा से हल्द्वानी के लिए एक-दो केमू की बसें ही चलती थीं। तब ग्रामीण इलाकों में लोग पैदल ही यात्रा करते थे।
1954 के बाद केमू बसों की संख्या में इजाफा हुआ। अल्मोड़ा से हल्द्वानी, पिथारौगढ़, गंगोलीहाट, नैनीताल, बागेश्वर, रानीखेत, चौखुटिया, जैंती, भनोली, रामनगर, शीतलाखेत आदि इलाकों को केमू की बसें चलती हैं। जिन रूटों में रोडवेज की बसें नहीं हैं वहां भी केमू की बस सेवाएं उपलब्ध रहती हैं।