रानीखेत (अल्मोड़ा)। कांग्रेस ने भाजपा को प्रदेश में उठे सियासी घमासान का दोषी ठहराया है। अब कांग्रेस बेरोजगारों को साथ लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी में है। कांग्रेस की बैठक में पूर्व विधायक करन माहरा ने कहा कि निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत के विकास कार्यों से भाजपा बौखला गई थी। इसलिए भाजपा ने लोकप्रिय सरकार को हटाने की साजिश रची।
यहां स्प्रिंग फील्ड में शनिवार को हुई बैठक में पूर्व विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री रावत ने पहाड़ के गाड़, गधेरे, पारंपरिक अनाज मडुवा, झंगोरा, गहत के विकास के लिए कार्य किया। मडुवा, झंगोरा, गहत अब बड़े होटलों के मीनू में तक शामिल हो चुके हैं। अब प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू हैं, लेकिन भाजपा नेता अपने साथ कई कांग्रेसी विधायकों के होने की बातें प्रचारित कर रहे हैं।
कहा कि स्टिंग के नाम पर रावत को बदनाम करने वाली भाजपा और बागी विधायक स्टिंग करने वाले पत्रकार के बचाव में पहले सरकार पर दबाव तक बना चुके हैं। सरकार के हटने से नौकरी की आस लगाए बैठे युवक फिर बेरोजगार हो गए हैं। अतिथि शिक्षकों का भविष्य अधर में है।
इसके लिए पूरी तरह से भाजपा दोषी है। बेरोजगारों को साथ लेकर कार्यकर्ता गांव तक जाएंगे। बैठक में ब्लॉक प्रमुख रचना रावत, निवर्तमान प्रदेश प्रवक्ता अतुल जोशी, गोपाल देव, चंदन बिष्ट, केएमवीएन निवर्तमान निदेशक डीएन बड़ोला, ब्लॉक अध्यक्ष बचे सिंह देव, नगर अध्यक्ष कैलाश पांडे, अभिषेक बिष्ट, गोपाल नाथ, त्रिभुवन फर्त्याल, हीरा रावत, गोविंद बिष्ट, हेमंत माहरा आदि थे।
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पूर्व विधायक करन माहरा ने कहा है कि भाजपा के पास प्रदेश में निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत का कोई तोड़ नहीं था। इसीलिए बहुमत साबित करने से एक दिन पहले प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हरियाणा में जाट आरक्षण में खरबों की संपत्ति का नुकसान हुआ, यात्रियों, महिलाओं के साथ अत्याचार तक हुए, लेकिन केंद्र सरकार ने वहां राष्ट्रपति शासन नहीं लगाया जबकि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य की सरकार को हटा कर जनहित के कार्यों को ही प्रभावित कर दिया।
भाजपा उत्तराखंड राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की इतनी तेजी में थी कि राज्यपाल के संवैधानिक पद तक को दबाव में लेने का प्रयास किया गया। इससे जाहिर है कि भाजपा देश में तानाशाही कर रही है जबकि निवर्तमान मुख्यमंत्री रावत ने प्रदेश में ग्रुप सी के दो हजार पद, विशिष्ट बीटीसी में 2794 पद, बीटीसी में 27 सौ पद, चार हजार शिक्षक, अतिथि शिक्षकों के 26 सौ पद स्वीकृत किए थे। कई कल्याणकारी योजनाओं की मंजूरी दी थी, लेकिन भाजपा की साजिश से सारे कार्य प्रभावित हो गए हैं।