तहसील क्षेत्र में कोल्ड स्टोर नहीं होने के कारण किसान फल, सब्जी आदि का भंडारण नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण किसानों को उत्पादित माल को औने-पौने दामों में बेचना पड़ता है।
ऐसी स्थिति में किसानों को उत्पादित फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता है। नतीजतन हानि उठानी पड़ रही है। किसानों ने जैंती तहसील क्षेत्र के अंतर्गत कोल्ड स्टोर खोलने की मांग की है।
क्षेत्र के मोतियापाथर, नाटाडोल, भांगादयोली, मेरगांव, डोल, शहरफाटक, गजार, पूनागढ़, डामर, चौखुटिया, चायखान, लमगड़ा, ठाठ, कल्टानी, जलना, पौधार, गड़ापानी, छड़ौजा, बेड़चूला, पजैना, ज्वारनेड़ी, कुटौली खांकर, सिल्पड़ आदि क्षेत्र में आलू, सेब, नाशपाती, जैंती, कांडे, भट्यूड़ा, बकस्वाड़, सेल्टाचापड़, स्योड़ा, उड्यारी, दाड़िमी, कुंज, बांजधार, बिनौला, भाबू, बिराड़ आदि क्षेत्रों में नींबू, माल्टा, नाशपाती, केला, अनार, दाड़िम, संतरा, आडू, खुबानी, अंगूर आदि का बहुतायत में उत्पादन होता है।
क्षेत्र में कोल्ड स्टोर न होने के कारण किसान उत्पादित फल, सब्जी आदि का भंडारण नहीं कर पाते हैं। इस कारण किसानों को फल, सब्जी को औने-पौने दामों में बेचना पड़ता है। इन स्थितियों में किसानों को फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता है।
वीरखम निवासी किसान नैन सिंह बोरा का कहना है कि क्षेत्र में शीघ्र कोल्ड स्टोर की स्थापना की जानी चाहिए। कोल्ड स्टोर बन जाने पर किसानों को सब्जी, फल उत्पादन के भंडारण में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। किसान
काफी लंबे समय से क्षेत्र में कोल्ड स्टोर खोलने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन उदासीन है। किसानों ने शीघ्र कोल्ड स्टोर खोलने की मांग की है।