आतंक और विद्रोह के खिलाफ भारत-अमेरिका के सैनिकों का संयुक्त युद्धाभ्यास आखिरी चरण में है। समापन से पूर्व आतंकियों के खिलाफ आपरेशन चलाया गया। जैनोली गांव में आतंकी घुसने की सूचना के बाद सेना ने इलाके में सर्च अभियान चलाया। सेना ने योजनाबद्ध तरीके से आतंकी ठिकाने नष्ट किए। हेलीकॉप्टर से उतरे सेना के कमांडो ने भी कुशल तकनीक का परिचय देते हुए जहां ग्रामीणों की सुरक्षा की वहीं आतंकियों को भी ढेर कर दिया।
युद्धाभ्यास का भारतीय सेना के जीओसी मेजर जनरल आरके रैना और अमेरिकी सेना के जीओसी मेजर जनरल थॉमस जेम्स ने निरीक्षण किया। अभ्यास के दौरान जैनोली गांव में आतंकी छिपे होने की सूचना मिली। जैनोली की दूसरी पहाड़ी पर सेना का बेस कैंप था। सेना ने योजनाबद्ध तरीके से रात एक बजे आपरेशन शुरू करने का निर्णय लिया। जंगल में पहले आतंकी ठिकानों को राकेट लांचरों से नष्ट किया गया। इससे आतंकी सचेत हो गए और जवाबी कार्रवाई शुरू हो गई। मुठभेड़ सेना के कुछ जवान घायल हुए। हेलीकॉप्टर के माध्यम से कमांडो उतारे गए। सेना ने ग्रामीणों को सुरक्षित करते हुए आतंकियों को मार गिराया। दोनों देशों के अधिकारियों ने युद्धाभ्यास में भाग ले रहे अधिकारियों और जवानों से बारी बारी से मुलाकात की और युद्धाभ्यास के दौरान सीखे अनुभवों को आत्मसात करने का आह्वान किया।