अल्मोड़ा। सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा ही नहीं करना चाहती। यही कारण है कि वर्ष में कम से कम 60 दिन चलने वाले विधानसभा सत्र को महज तीन दिन में ही निपटा दिया जा रहा है। यह बात विधायक मनोज तिवारी ने कही।
मंगलवार को विधायक तिवारी ने नगर के एक होटल में पत्रकार वार्ता में कहा कि मौजूदा सरकार विधानसभा की नियमावली के अनुसार नहीं चल रही है। उन्होंने कहा सशक्त भू- कानून बनाने, उपनल और संविदा कर्मियों को समान कार्य समान वेतन जैसे मुद्दे सदन में उठाए। लेकिन सरकार ने इस पर चर्चा नहीं की जो जनता के हितों की अनदेखी है।
उन्होंने अतिक्रमण चिह्नीकरण पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि अतिक्रमण के नाम पर भूमि पर बसे लोगों को उजाड़ा जा रहा है। विधानसभा सत्र में सदस्य अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करते हैं और प्रदेश के विकास की बात होती है। इसके लिए वर्ष में कम से कम 60 दिन सत्र चलना चाहिए। लेकिन मौजूद सरकार इसे तीन दिन में ही निपटा रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के धरना देने के बाद भी इसकी अवधि नहीं बढ़ाई गई, जो प्रदेश के लिए दुर्भाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि उपनल, संविदा कर्मियों, अतिथि शिक्षकों को समान कार्य समान वेतन दिए जाने की मांग पर उन्होंने सदन में प्राइवेट बिल पेश किया। सशक्त भू-कानून बनाने पर चर्चा हुई। लेकिन सरकार ने इसके लिए गंभीरता नहीं दिखाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में जमीन खरीदने की सीमा समाप्त कर भू माफिया को बढ़ावा देने का काम किया है। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज, महिला जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट, अनुसूचित मोर्चा जिलाध्यक्ष किशन लाल, तारा जोशी, त्रिलोचन जोशी मौजूद रहे।