बागेश्वर। डीएम आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में अनुशासनहीनता और काम में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरी। बैठक में कुल 22 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनके त्वरित निस्तारण के लिए डीएम ने संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दरबार में अनुशासन पर सख्त रुख अपनाते हुए डीएम कोंडे ने बैठक में देरी से पहुंचने वाले अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। सीएम पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण हेतु फीडबैक कॉलिंग दर 50 प्रतिशत से कम रखने वाले अधिकारियों का वेतन कॉलिंग दर 80 प्रतिशत से ऊपर नहीं पहुंचने तक रोकने के निर्देश दिए। ऊर्जा निगम के ईई के अनुपस्थित रहने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने, बिना सूचना अनुपस्थिति रहने पर क्रीड़ा अधिकारी का वेतन रोकने, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान आ रही तकनीकी दिक्कतों और लापरवाही पर एसडीएम गरुड़ को नोटिस जारी करने को कहा। जिला मुख्यालय में होने के बावजूद बैठक में न पहुंचने पर पीएमजीएसवाई के ईई को खुद फोन कर उन्हें तत्काल तलब किया, जिसके बाद वे बैठक में उपस्थित हुए।
जांच करा दीजिए मैं दूंगा एक दिन का वेतन पर खूब लगे ठहाके
जनता दरबार के दौरान एक बेहद दिलचस्प वाकया भी सामने आया। एक तरफ डीएम कोंडे लापरवाह अधिकारियों का वेतन रोकने के आदेश सुना रही थीं, तभी अपनी फरियाद लेकर पहुंचे एक शिकायतकर्ता ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को अनोखा प्रस्ताव दे डाला। शिकायतकर्ता ने अपनी समस्या की जांच कराने के बदले एक दिन का वेतन मुझसे ले लीजिए। शिकायतकर्ता की यह बात सुनते ही गंभीर माहौल में डूबा पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। अधिकारी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
जब ईओ बोले र्कारवाई करता हूं तो आने लगते हैं फोन....
जनता दरबार के दौरान डीएम कोंडे ने अमर उजाला में मीट मार्केट की गंदगी के संबंध में ईओ नगरपालिका विनोद जीना से कार्रवाई के बारे में पूछा, तो ईओ ने लाचारी जताते हुए कहा कि कार्रवाई के लिए जाते ही रसूखदारों के फोन आने लगते हैं। डीएम कोंडे ने ने सख्त लहजे में ईओ को फटकार लगाते हुए कहा कार्रवाई करने पर फोन तो मुझे भी आते हैं, लेकिन किसी के फोन आने से नियम विरुद्ध कार्यों पर होने वाली कार्रवाई को नहीं रोका जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को बिना किसी दबाव के पारदर्शिता से काम करने के निर्देश दिए।