परेड की सलामी लेते इंडो-अमेरिका के सैन्य अधिकारी।
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भारत और अमेरिकी सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास 2018 का चौबटिया छावनी में आगाज हो गया है। रविवार को गरुड़ा मैदान में दोनों देशों के जवानों ने अपने-अपने ध्वजों के साथ भव्य मार्चपास्ट किया। अधिकारियों ने परेड की सलामी ली। दो सप्ताह तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में आतंकवाद और आंतरिक विद्रोह की चुनौती से निपटने की तकनीक साझा होगी। युद्धाभ्यास का नेतृत्व अमेरिकी सेना के मेजर जनरल विलियम ग्राह्म और भारतीय सेना के मेजर जनरल कवींद्र सिंह कर रहे हैं।
दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच यह 14वां सैन्य युद्धाभ्यास है। गरुड़ा मैदान में हुए उद्घाटन समारोह में गुनगुनी धूप के बीच दोनों देशों के जवानों ने भव्य परेड और मार्चपास्ट का प्रदर्शन किया। कदम-कदम बढ़ाए जा की स्वर लहरियों के बीच मेजर जनरल विलियम ग्राह्म और मेजर जनरल कवींद्र सिंह ने परेड की सलामी ली। दोनों देशों की तरफ से 350-350 जवान और अधिकारी युद्धाभ्यास में भाग ले रहे हैं। युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद और आंतरिक विद्रोह की चुनौती से निपटना है।
इससे पूर्व चौबटिया छावनी में जनरल आफिसर कमांडिंग, गरुड़ डिवीजन ने मेहमान सैन्य दल का गर्मजोशी से स्वागत किया। अमेरिकी सेना का प्रतिनिधित्व एक इन्फेंट्री बटालियन, 23 इन्फेंट्री रेजीमेंट, 2 स्ट्राइकर ब्रिगेड, कांबेट टीम, 7 इन्फेंट्री डिवीजन, जबकि भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व कांगो ब्रिगेड, गरुड़ डिवीजन, सूर्य कमान की एक इन्फेंट्री बटालियन कर रही है। शुभारंभ अवसर पर 99 पर्वतीय ब्रिगेड के कमांडेंट ब्रिगेडियर विजय काला आदि मौजूद रहे।