कुमाऊं आयुक्त और मुख्यमंत्री के सचिव राजीव रौतेला ने नदियों के जल संरक्षण और जल संवर्द्धन के लिए चलाई जा रही योजनाओं में जनसहभागिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। अल्मोड़ा की कोसी नदी पुनर्जनन अभियान, बागेश्वर की गरुड़गंगा और नैनीताल की शिप्रा नदी के पुनर्जनन अभियान से जुड़े नोडल अधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कोसी पुनर्जनन अभियान के तहत हुए कार्यों को पूरे देश में एक अलग पहचान मिली है। इसी तर्ज पर गरुड़गंगा और शिप्रा नदी के पुनर्जनन अभियान को भी आगे बढ़ाना होगा।
रौतेला ने कहा कि धारे, नौलों के संरक्षण और सवंर्द्धन पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षण संस्थाओं, महिला समूहों, युवक मंगल दलो आदि का सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक बार प्रत्येक शिक्षण संस्थाओं में जल संरक्षण से संबंधित विषय पर अलग से चर्चा कराई जाए। जिलाधिकारी बागेश्वर रंजना राजगुरु ने बताया कि गरुड़गंगा नदी में स्थित नौ रिचार्ज जोनों में कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
अल्मोड़ा के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि द्वितीय चरण के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल ने कोसी पुनर्जनन अभियान के द्वितीय चरण के प्रस्तावित कार्यों के बारे में जानकारी दी। एनआरडीएमएस निदेशक प्रो.जेएस रावत ने पावर प्वांइट के माध्यम से कोसी नदी में होने वाले कार्यों को विस्तार से बताया।
बैठक में वन संरक्षक आईपी सिंह, मुख्य विकास अधिकारी बागेश्वर एसएसएस पांगती, प्रभागीय वनाधिकारी प्रवीण कुमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट बागेश्वर एनएस भंडारी, उपजिलाधिकारी विवेक राय, डिप्टी कलेक्टर राहुल शाह, परियोजना निदेशक नरेश कुमार, शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी केके पंत, बागेश्वर केएन तिवारी, नैनीताल रमा गोस्वामी सहित अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर के समस्त नोडल अधिकारी और इन अभियानों से जुड़े अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। कर्मचारियों, अधिकारियों को नदियों को बचाने के लिए शपथ भी दिलाई गई।