अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास निधि (आईएफएडी) के दल ने एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना द्वारा संचालित योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की जानकारी ली। दल ने बेहतर समन्वय से परियोजना के कार्यों का लाभ लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। दल के सदस्यों एम श्रीनिवास, आर ओमार, परियोजना प्रबंधन इकाई देहरादून के प्रबंधक मावन संसाधन महेंद्र सिंह यादव, प्रबंधक अनिल मैखुरी ने ग्राम पंचायत मटेला में डेयरी, बकरीपालन, सब्जी उत्पादन गतिविधियों को देखा।
नौ उत्पादक समूहों से उनके द्वारा की जा रही व्यावसायिक गतिविधियों और अन्य कार्यों के बारे में जानकारी ली। सदस्यों ने बताया कि परियोजना के कार्यों से उनके कौशल विकास के साथ ही अर्थिक स्थिति में भी सुधार आ रहा है। इसके बाद दल ने हवालबाग कार्यालय में सहकारिता संचालक मंडल सदस्यों से सहकारिता के माध्यम से किए जा रहे डेयरी, पशुपोषक आहार विपणन गतिविधियों के बारे में जाना। सदस्यों ने बताया कि पांच लीटर से शुरू हुआ दुग्ध व्यवसाय 70 लीटर तक पहुंच गया है।
तत्पश्चात विकास भवन में जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस जंगपांगी ने कहा कि परियोजना के सामंजस्य से विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाए जा रहे हैं। परियोजना अधिकारी आईसीडीएस पीएस बृजवाल ने बताया कि सहकारिता के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण टेक होम राशन बांटा जा रहा है। अध्यक्षता करते हुए सीडीओ प्रकाश चंद्र ने कहा कि परियोजना सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के समन्वय से बेहतर कार्य कर रही है।
साथ ही अतिरिक्त गतिविधियों से समुदाय को लाभान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है। परियोजना प्रबंधक डॉ. हीराबल्लभ पंत ने परियोजना की गतिविधियों के बारे में बताया। इस दौरान एसबीआई आरसेटी निदेशक पीसी जोशी, लीड बैंक अधिकारी एमजी वर्मा, तकनीकी संस्था ग्रास के मुख्य कार्यकारी गोपाल सिंह चौहान आदि थे।