अल्मोड़ा/भिकियासैंण। सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने समेत अन्य मांगों के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को भी चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में प्रदर्शन किया। उन्होंने नारेजाबी कर सरकार को कोसा। कहा कि मांगें जल्द पूरी न हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन स्थल पर हुई सभा में उन्होंने कहा कि सरकार आशा कार्यकर्ताओं की सुध नहीं ले रही है। आरोप लगाया कि सरकार उनसे काम तो पूरा ले रही है लेकिन मांगें पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए। साथ ही न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये देने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन देने की मांग की। वहां जिलाध्यक्ष जानकी गुरुरानी, कोषाध्यक्ष पूजा बगड़वाल, महिमा नेगी, नीमा, पूजा, शोभा देवड़ी, नीमा जोशी, प्रेमा मेहरा, हेमा देवी, जानकी देवी, दीपा वर्मा, चंद्रा बिष्ट, माया, प्रेमा, पुष्पा कार्की आदि थीं। भिकियासैंण में उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ब्लाक इकाई भिकियासैंण की आशा कार्यकर्ताओं ने ी तहसील मुख्यालय पर धरना दिया। वहां सरस्वती मेहरा, पूजा रावत, माधुरी देवी, हीरा मठपाल, हंसी असनोड़ा, हेमा देवी, नंदी, लक्ष्मी, पुष्पा, हंसी अधिकारी, ममता सती, अनीता देवी आदि थीं।
ताकुला में आशा कार्यकर्ता का स्वास्थ्य बिगड़ा
सोमेश्वर। ताकुला अस्पताल परिसर में भी आशा कार्यकर्ताएं मांगों को लेकर धरना दे रही हैं। बृहस्पतिवार को धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ता मीना लोहनी का अचानक स्वास्थ्य बिगड़ गया और वह बेहोश हो गई। साथी कार्यकर्ता उन्हें अस्पताल ले गईं। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।