अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में घरों और दुकानों को छूकर गुजर रही बिजली की हाईटेंशन लाइनें इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ा डेथ ट्रैप (मौत का जाल) बन चुकी हैं। मुख्य बाजारों के बीचों-बीच काफी नीचे तक झूलते इन बिजली के नंगे तारों के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। हालात इस कदर खौफनाक हैं कि शहरवासियों ने करंट लगने के डर से अपने ही घरों की छतों पर जाना छोड़ दिया है। यूपीसीएल की इस घोर लापरवाही के चलते लोग खतरे के साए में जीने के लिए मजबूर हैं।
नगर के नंदादेवी, थपलिया, लाला बाजार, चौक बाजार, थाना बाजार, जौहरी बाजार, कारखाना बाजार और माॅल रोड सहित कई घनी आबादी वाले इलाकों में बिजली के तार मकानों से बिल्कुल सटे हुए हैं। पटाल बाजार और माॅल रोड पर तो ये तार इतने नीचे आ चुके हैं कि राहगीरों के सिर के ठीक ऊपर हवा में झूलते नजर आते हैं। ऐसे में बारिश और अंधड़ के दौरान जब बाजार में खरीदारों की भीड़ होती है तब जान का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
तेज हवा चलते ही बरसती हैं चिंगारियां
स्थानीय लोगों के अनुसार नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर तेज हवा और तूफान आते ही ये खुले तार आपस में टकरा जाते हैं। तारों के घर्षण से आए दिन शॉर्टसर्किट होता है और आसमान से चिंगारियां बरसने लगती हैं जिससे बाजार की लकड़ी की पुरानी दुकानों में आग लगने का खतरा बना रहता है। साथ ही बार-बार बिजली गुल होने से पूरी व्यवस्था ठप हो जाती है।
बेजुबानों पर काल बनकर टूट रहे तार
ऊर्जा निगम की इस घोर अनदेखी की कीमत बेजुबान जानवरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। नगर में बंदरों के झुंड आए दिन इन खुले तारों पर कूदते-फांदते हैं जिससे झुलसकर अब तक कई बंदर दम तोड़ चुके हैं। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी है जहां बिजली की ढीली लाइनों की चपेट में आने से कई दुधारू गोवंश (मवेशी) अकाल मौत का ग्रास बन चुके हैं।
आक्रोशित लोग बोले, क्या हादसे के बाद जागेगा प्रशासन
मेरे मकान की दीवारों से लंबे समय से हाईटेंशन तार टकरा रहे हैं। यूपीसीएल से कई बार लिखित और मौखिक तौर पर इन तारों को हटाने की गुहार लगा चुका हूं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हमेशा डर लगा रहता है कि दीवार में करंट आने से कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए। - दिनेश पांडे, निवासी थपलिया
- अल्मोड़ा के ऐतिहासिक बाजारों में बिजली के तार जमीन के इतने करीब आ गए हैं कि तेज हवा चलने पर डर से रूह कांप जाती है। ऊर्जा निगम शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है तभी इन तारों को कसने या अंडरग्राउंड करने की जहमत नहीं उठाई जा रही। - दीपक बिष्ट, निवासी तल्ला दन्या
कोट
- नगर की खुली लाइनों को सुरक्षित एरियल बंच केबल (एबीसी) से बदला जा रहा है। इसके अलावा, पटाल बाजार क्षेत्र में बिजली लाइनों को पूरी तरह अंडरग्राउंड (भूमिगत) करने का एक विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा है। मंजूरी मिलते ही प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू कराया जाएगा। - कन्हैया जी मिश्रा, अधिशासी अभियंता, यूपीसीएल, अल्मोड़ा