अल्मोड़ा। शुद्ध हवा और शांत वातावरण की पहचान रखने वाले पहाड़ों में दिल के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यहां प्रति हजार लोगों में 10 लोग रक्तचाप की समस्या से जूझ रहे है। रक्तचाप ही दिल की बीमारी की प्रमुख वजह है। चिकित्सकों के मुताबिक पहले जहां हार्ट अटैक और अन्य हृदय संबंधी बीमारियां बुजुर्गों तक सीमित थी, वर्तमान में 25 से 40 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में हर साल करीब एक हजार में से 200 से अधिक मौतों का कारण हृदय रोग है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में एक माह में करीब 300 से अधिक इस बीमारी से संबंधित मरीज पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल की फिजिशियन डॉ. तारा सिंह से बताया कि प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों में से 100 दिल के मरीज होते हैं। बताया कि इसका मुख्य कारण धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, तनाव के साथ ही गलत खानपान आदि हैं। वहीं रक्त प्रवाह कम होने पर युवाओं पर भी हार्ट अटैक के मामले नजर आए हैं। इसका कारण तंबाकू और शराब का सेवन है।
अल्मोड़ा जिले में एक भी कॉर्डियोलॉजिस्ट नहीं
अल्मोड़ा। कुमाऊं के दूसरे सबसे बड़े जिले में अब तक सरकार कॉर्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं कर पाई है। दिल के मरीजों को यहां के अस्पतालों में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। पिछले दो सालों में यहां से रेफर हार्ट के 300 से अधिक रोगी उपचार के लिए हल्द्वानी, बरेली सहित कई अन्य अस्पतालों को रेफर हो चुके हैं। संवाद
लक्षण
दिल के मरीजों में घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर, सीने में दबाव या जकड़न बढ़ जाती है। इससे भी रक्त का दाब बढ़ जाता है। रक्तदाब बढ़ने से स्ट्रोक, हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है।
बचाव-
फिजिशियन डॉ. हरीश आर्या ने बताया कि ब्लड प्रेशर को काबू में रखने के लिए मीठा, नमकीन और खट्टे का कम सेवन करें। समय-समय पर जांच कराते रहें। अल्कोहल और कैफीन के सेवन करने से बचें।