डालाकोट नगरखान के जंगल में लगी आग से उठती लपटें।
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। जंगलों की आग घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बृहस्पतिवार रात एक बार फिर नगरखान क्षेत्र के जंगल में आग लग गई। रिहायसी इलाके तक पहुंची आग ने घास के छह लुट्टों को चपेट में ले लिया। देर रात बमुश्किल आग पर काबू पाया गया। उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं ने ग्रामीण को मुआवजा देने की मांग की है।
बुधवार शाम डालाकोट के जंगल में आग बुझने के बाद अगले ही दिन बृहस्पतिवार को क्षेत्र में ही नगरखान की ओर जंगल में अचानक आग लग गई। आग की तेज लपटों ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। इस बीच जंगल की आग गड़ख तोक तक जा पहुंची। तोक में ही घास के छह लुट्टे आग की भेंट चढ़ गए। आग तेजी से घरों तक पहुंचने लगी। ग्रामीणों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। क्षेत्र के जंगलों में लगातार लग रही आग ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उक्रांद के केंद्रीय उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी और जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला ने बताया कि जंगल की आग से गड़ख तोक निवासी डीकर राम के घास के लुट्टे जले हैं। कहा कि जब शहरों में आग लगती है तो शासन-प्रशासन सक्रिय हो जाता है लेकिन गांव में ग्रामीणों की मदद के लिए वन विभाग के कर्मचारी भी उपलब्ध नही होते। उन्होंने जंगलों में फायर वाचर नियुक्त करने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने बीती रात आग से जले घास के लुट्टों के नुकसान की भरपाई कर उचित मुआवजा दिए जाने की भी मांग की।