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बांस से बना हाटकेस और जयपुरी कुर्तियां बनी लोगों की पसंद

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हस्त शिल्प प्रदर्शिनी में खरीदारी करती महिलाएं - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। उपकार समिति रूपापुर (उप्र) की ओर से एलआरसाह रोड स्थित मैदान में आयोजित हस्त शिल्प प्रदर्शनी में जहां सहानपुर का हैंडक्राफ्ट लोगों को लुभा रहा है वहीं जयपुरी कुर्तियां महिलाओं की पसंद बनी है। प्रदर्शनी स्थल पर लगे विभिन्न स्टालों में लोग खरीदारी को पहुंचे रहे हैं।
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हस्त शिल्प प्रदर्शिनी में सहारनपुर के हथकरघा उत्पाद, कुमाऊं बांस रिंगाल हस्तकला स्वायत्त सहकारिता बसर, इंडियन हैंडलूम काशीपुर, जयपुरी प्रिंट, जय अंबे स्वयं सहायता समूह काशीपुर, अल्मोड़ा ऐपण शिल्पकला स्वायत्त सहकारिता, काजल स्वयं सहायता समूह उल्धन (खटीमा) के स्टॉल लगे हैं। सहारनपुर के हथकरघा के स्टाल में ज्वैलरी बॉक्स 350 से 850 रुपये, लाइट लैंप 350 से 750 रुपये, घड़ियां मिल रहे हैं। कुमाऊं बांस रिंगाल हस्तकला स्वायत्त सहकारिता बसर के स्टाल में बांस से बनी विभिन्न सामग्री मिल रही है। बांस का हॉटकेस 250 रुपये, लैंप 250 रुपये की कीमत में उपलब्ध है।
इंडियन हैंडलूम काशीपुर के स्टाल में विभिन्न प्रकार की चादरें, तौलिया मिल रहे हैं। जय अंबे स्वय स्वयं सहायता समूह काशीपुर के स्टाल में विभिन्न अचार मिल रहे हैं। हमजा खादी कलेक्शन मेरठ के स्टॉल में कई उत्पादों में दस प्रतिशत की छूट मिल रही है।
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500 रुपये में ऐंपण डायरी
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा ऐपण शिल्पकला स्वायत्त सहकारिता के स्टाल पर ऐपण डायरियां, फाइल फोल्डर, ऐंपण बैग लोगों को लुभा रहे हैं। स्टाल की पूनम ने बताया कि ऐंपण डायरी 500 रुपये में बेची जा रही है।
कूजे के रोटी बाक्स की भी मांग
अल्मोड़ा। काजल स्वय सहायता समूह उल्धन (खटीमा) के स्टाल में कांस, कूजा से बने रोटी बाक्स, फूलदान, पैन स्टैंड लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। स्टाल की अनीता राणा ने बताया कि रोटी और फूलदान बाक्स 300-300 रुपये में उपलब्ध है।
प्रदर्शनी लोगों की आवाजाही अभी कम है। कोरोनाकाल में लोगों की आर्थिकी व्यापक रूप से प्रभावित हुई है। जिसका असर खरीदारी में भी पड़ा। प्रदर्शनी में अभी बिक्री खास नहीं है। लागत भी निकाल पाएं तो बड़ी बात है।
- रियाज, सहारनपुर हैंडक्राफ्ट
प्रदर्शनी में लगे स्टाल में बांस से बनी कई वस्तुएं उपलब्ध है। खरीदार तो आ रहे हैं पर अभी बिक्री अच्छी नहीं है। उम्मीद है कि एक दो दिन में बिक्री में इजाफा होगा। बढ़ती महंगाई के बीच लोग अपनी जेब के अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं।
विक्रम लाल, कुमाऊं बांस रिंगाल हस्तकला स्वायत्त सहकारिता
हर साल प्रदर्शनी में स्टाल लगाते हैं पर इस बार मंदी की मार प्रदर्शनी पर भी दिखाई दे ही है। दिन की औसत बिक्री भी अच्छी नहीं है। फिर भी उम्मीद है कि आगामी दिनों में बिक्री अच्छी होगी।
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- अशरफ, इंडियन हैंडलूम काशीपुर

हस्त शिल्प प्रदर्शिनी में खरीदारी करती महिलाएं- फोटो : ALMORA

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