अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल ने प्रदेश में भूमि के अंधाधुंध खरीद फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की है। जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेज उत्तराखंड में भी हिमाचल प्रदेश की तरह धारा-118 लागू करने की मांग की।
वहीं सोमेश्वर क्षेत्र में भूमि खरीद फरोख्त में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। ज्ञापन में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड के पास कृषि योग्य सीमित भूभाग है।
राज्य में पर्यटन के महत्व की अधिकांश भूमि सरकार पहले ही बेचने के साथ ही विभागों को आवंटित कर चुकी हैं। राज्य बनने के बाद जनता को उम्मीद थी कि सरकार शेष बची भूमि को बचाने के लिए कठोर भूकानून लागू करेगी, लेकिन सत्तासीन भाजपा समेत कांग्रेस और सरकारों ने भूमि की खुली लूट जारी रखने के लिए भूकानून को शिथिल किया।
इसके चलते बाहर की कंपनियां सोलर प्लांट लगाने के नाम पर ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर उनकी कृषि योग्य भूमि को भी औने-पौने दामों में खरीद रहीं हैं। यही क्रम जारी रहा तो उत्तराखंड में भूमि का भारी संकट हो जाएगा।
ज्ञापन में उक्रांद ने सोमेश्वर तहसील के वल्सा गांव में पिछले साल हुई ऐसी खरीद-फरोख्त में शामिल कंपनी को संदिग्ध बताते हुए इसकी वैधता की जांच की मांग की। कहा कि भीमताल के पते पर इस नाम की कोई कंपनी और होटल नहीं मिला है।
उक्रांद ने सोलर प्लांट लगाने के लिए बाहर के लोगों को भूमि खरीद-फरोख्त की छूट दिलाने के बजाय उसी गांव के बेरोजगार युवाओं को सोलर प्लांट लगाने के लिए ऋण अनुदान दिलाने की मांग की।
वहीं वल्सा गांव में भूमि की खरीद फरोख्त और धोखाधड़ी, धमकियों की जांचकर कार्रवाई करने की मांग भी की। ज्ञापन देने वालों में उक्रांद के केंद्रीय उपाध्यक्ष बह्मानंद डालाकोटी, जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला, हेम चंद्र तिवारी, ललित सिंह बजेली, जगदीश सिंह, तारा सिंह, शेखर चंद्र जोशी, हेमा देवी आदि रहे।