अल्मोड़ा। कोविड संक्रमण रोकने के लिए डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने सोमवार को जिला स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की समीक्षा की। कहा कि एसडीआरएफ मद से ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए तत्काल 10 लाख रुपये जारी किए जाएंगे। उन्होंने कोरोना संक्रमितों की कांटेक्ट ट्रेसिंग पर विशेष ध्यान देने के आदेश दिए।
डीएम ने ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए आवश्यक संबंधित फर्म से तालमेल बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। डीएम ने संक्रमित लोगों के होम आइसोलेशन पर उन्हें तत्काल मेडिकल किट दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सीडीओ और एसीएमओ को संक्रमित लोगों के लिए 5000 होम आइसोलेशन किट बनाने के निर्देश दिए।
डीएम ने बेस कोविड चिकित्सालय सहित जिला व महिला चिकित्सालय में आवश्यक उपकरणों और दवाइयों के लिए पूर्व में किये गये टेंडर के आधार पर इन्हें खरीदने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि जल्दी ही मुख्यमंत्री मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने इस दौरान बेस में बन रहे ऑक्सीजन प्लांट की जानकारी के लिए एचएलएल के प्रतिनिधियों को उपस्थित रहने को कहा।
उन्होंने बेस स्थित आईसीयू सेंटर को जल्द पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए। डीएम ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में सीएनडीएस मोटर मार्ग के निर्माण को जल्द पूरा करें। उन्होंने बेस अस्पताल में कर्मचारियों की कमियों को दूर करने के लिए प्रस्ताव भेजने की बात कही। डीएम ने कोविड केयर अस्पताल में आ रही समस्याओं के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में समिति बनाई।
इसमें मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और बेस के पीएमएस को भी शामिल किया गया। अन्य अस्पतालों में के एमएस और एसडीएम आपस में तालमेल करेंगे। डीएम ने संक्रमित लोगों के कांटेक्ट ट्रेसिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में सीएमओ डॉ. सविता हयांकी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरजी नौटियाल, बेस चिकित्सालय के पीएमएस डॉ. एचसी गड़कोटी, जिला अस्पताल के डॉ. आरसी पंत, डॉ. प्रीति पंत, एसीएमओ डॉ. दीपांकर डेनियल, आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी आदि रहे।
स्वास्थ्य सुविधा बढ़ाने पर प्रदेश सरकार गंभीर नहीं : मनोज
अल्मोड़ा। कांग्रेस नेता पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि कोरोना काल में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है। मेडिकल कॉलेज को संचालित न करवाना प्रदेश सरकार की नाकामी है।
यदि सरकार अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को तीन वर्ष पहले संचालित कर देती तो स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर होती और कोरोना काल में जिले के अलावा पिथौरागढ़, बागेश्वर, मुनस्यारी, डीडीहाट, रानीखेत, कपकोट तक की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलती।
उन्होंने कहा कि सरकार अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को तुरंत कोविड सेंटर घोषित कर वहां यथाशीघ्र कम से कम 500 ऑक्सीजनयुक्त बेडों की व्यवस्था करे। उन्होंने कहा है कि कोरोनाकाल में मध्यमवर्गीय, व्यवसायियों, श्रमिक वर्ग, कोचिंग संस्थान संचालकों के सामने बेहद आर्थिक कठिनाईयां उत्पन्न हो गई हैं।
सरकार को इन वर्गों के लोगों के पैकेज घोषित करना चाहिए। साथ ही जीवनरक्षक दवाओं, ऑक्सीजन आदि की पर्याप्त व्यवस्था सरकार करे। कई अन्य लोगों ने भी इस ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कराने के लिए सोशल मीडिया पर विशेष अभियान चलाया है।