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सैनिकों को एआई तकनीक में भी किया जाए दक्ष : राज्यपाल

Thu, 05 Jun 2025 11:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने रानीखेत स्थित कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर (केआरसी) के आउटरीच प्रोग्राम की सराहना की। उन्होंने सैनिकों और उनके परिवारों के लिए कौशल विकास, दस्तावेजों के डिजिटलीकरण आदि पहल को अच्छा बताया। राज्यपाल ने सैनिकों को एआई आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से सैनिकों को दक्ष करने और पूर्व सैनिकों के परिवारों के लिए होम स्टे व मौन पालन सहित अन्य रोजगार परख योजनाएं चलाने का सुझाव दिया।
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केआरसी के भ्रमण पर पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षु अग्निवीरों से संवाद किया। कहा कि कुमाऊं रेजिमेंट का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह थलसेना की सबसे बड़ी इंफैंट्री रेजिमेंटों में से एक है। इस रेजिमेंट की सुदृढ़ प्रशिक्षण परंपरा एवं अनुशासनात्मक संस्कृति भी विश्वस्तर पर प्रतिष्ठित है। कमांडेंट ब्रिगेडियर संजय कुमार यादव ने प्रस्तुतीकरण के जरिये केंद्र की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। इससे पहले रानीखेत पहुंचने पर डीएम आलोक कुमार पांडेय, एसएसपी देवेंद्र पींचा समेत केआरसी के अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर राज्यपाल का स्वागत किया।
सैनिकों को फिट रखने के लिए खेलों का बड़ा योगदान
राज्यपाल ने आर्चरी, बॉक्सिंग और ताइक्वांडो जैसे खेलों के प्रशिक्षण को अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि सैनिकों को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखने के लिए खेलों का बड़ा योगदान है। बाद में राज्यपाल सपरिवार प्रसिद्ध झूला देवी मंदिर पहुंचे। यहां पूजा-अर्चना कर प्रदेश की शांति, समृद्धि और विकास की कामना की। वहां संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत राहुल आनंद, एएसपी हरबंश सिंह आदि थे।
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वीर नारियों को मिला सम्मान
राज्यपाल ने रेजिमेंट केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के बीच वीर नारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में शहीदों के साथ उनके परिवारों का योगदान भी अतुलनीय है।

वुलन केंद्र का निरीक्षण किया
भ्रमण के तहत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने वुलन केंद्र का निरीक्षण किया। यहां पूर्व सैनिकों की आश्रित महिलाएं हस्तनिर्मित शॉल और जैकेट तैयार कर रही थीं। उन्होंने कहा कि यह न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि पारंपरिक कौशल के संरक्षण का उत्तम उदाहरण है।
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