पहले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित किए गए। इस दौरान प्राणायाम समेत विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया। वक्ताओं ने लोगों से योग को जीवन शैली में अपनाने का आह्वान किया। कहा कि योग से न सिर्फ शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन में एकाग्रता रहती है।
24वीं उत्तराखंड बालिका वाहिनी एनसीसी द्वारा सेना मैदान में लगाए गए शिविर में भागीदारी के लिए विभिन्न स्थानों से कैडेट पहुंचे। आयुष मंत्रालय के योग प्रशिक्षक दीपक सिंह ने शिविर का शुभारंभ किया। कमान अधिकारी कर्नल करन भगत ने कहा विश्व में पहली बार 177 देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। एनसीसी के 15 लाख कैटेड विभिन्न स्थानों पर योग दिवस में हिस्सा ले रहे हैं। योग देश की प्राचीन पद्धति है जिससे शरीर निरोग रहता है और मन, शरीर, आत्मा लयबद्ध रहती है। कैटेड योग के जीवनशैली में अपनाएं। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी कैप्टन विजी आईवी, तहसीलादर जीडी तिवारी आदि भी मौजूद थे। शिविर में दस स्कूलों के 790 कैडेटों ने भाग लिया।
पतंजलि समिति ने जीआईसी मैदान में शिविर लगाया। प्रतिभागियों को विभिन्न आसन, कपालभाति, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षक दयाकृष्ण कांडपाल ने कहा कि योग भारतीय परंपरा में वैदिक काल से ही है। इससे पहले समिति के मंडल प्रभारी जसौद सिंह, डा. वसुधा पंत, किशन गुरुरानी, दयाकृष्ण कांडपाल, भूपेंद्र बल्दिया, मुस्लिम जागरुकता मंच के अफजाल अहमद ने संयुक्त रूप से शिविर का उद्घाटन किया। शिविर में आरएसएस के स्वयं सेवकों ने भी भाग लिया।
सामाजिक विकास एवं प्रबंधन समिति अल्मोड़ा और नेहरु युवा केंद्र ने एसएसबी मुख्यालय में शिविर लगाया। यहां 280 लोगों ने भाग लिया। योगाचार्य विकेंद्र पुंडीर आदि ने योगाभ्यास कराया। उप महानिरीक्षक पीएस मेहरा, कमान अधिकारी जीसी पांडे आदि मौजूद थे। इसके अलावा दी बोधि ट्री स्कूल, जीबी पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान, महर्षि विद्या मंदिर पपरसली, बाड़ेछीना, पतंजलि योग समिति ने जीआईसी बाड़ेछीना, आर्य समाज मंदिर सभागार, हंस ज्ञान भक्ति आश्रम चीनाखान, 35वीं वाहिनी मुख्यालय बिमौला आदि स्थानों पर भी योग शिविर लगाए गए।
भारत स्वाभिमान जैंती इकाई द्वारा सर्वोदय इंटर कालेज जैंती में योग शिविर आयोजित में तहसील संयोजक राम सिंह कन्याल, हरीश मेहरा, शंकर जोशी, श्याम नारायण पांडे, मोहन पांडे, हर सिंह नेगी, कैलाश जोशी आदि मौजूद थे।