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रामनवमी पूजन के लिए नहीं मिली कन्याएं

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द्वाराहाट कालिका मंदिर में कन्या पूजन की रश्म अदायगी करते श्रद्धालु। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : RANIKHET
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अल्मोड़ा/रानीखेत/द्वाराहाट। ऐसा पहली बार हुआ कि नवरात्रि में नौ दिन तक नवरात्रि उपवास रखने के बावजूद पहली बार कन्या पूजन विधिवत नहीं हो पाया। कई लोगों को पूजन के लिए कन्याएं नहीं मिलीं। इस बार पूजा कराने आने वाले पंडित भी गांव में कहीं नहीं दिखे। नवरात्र में लोगों ने घरों में ही मां दुर्गा की पूजा, अर्चना की।
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गांवाें समेत जिन घरों में एक, दो कन्याएं थीं, उन लोगों ने ही दूरी बनाकर कन्या पूजन किया। बाकी लोगों ने घरों में प्रसाद बनाया और पूजन कर व्रत का पारायण किया। संक्रमण के डर से पुजारी भी अपने ही घरों में कैद रहने को विवश दिखे। लॉकडाउन के चलते प्रसिद्ध जागेश्वरधाम, चितई स्थित ग्वल देवता मंदिर, कलक्ट्रेट स्थित रामशिला मंदिर, नंदादेवी मंदिर, बद्रेश्वर, बानड़ीदेवी, स्याहीदेवी, हनुमान मंदिर, भैरव मंदिर, रत्नेश्वर, हैड़ाखान, झूलादेवी, दूनागिरि, कालिका स्थित मां दुर्गा देवी समेत कई मंदिरों के कपाट बंद रहे जबकि सामान्य परिस्थितियों में इन मंदिरों में दर्शन के लिए शाम तक कतार लगती थी। अश्विन नवरात्र के दौरान चिलियानौला के हैड़ाखान आश्रम में दस दिनी जगदंबा महायज्ञ होता था।
इसमें शामिल होने के लिए देशी, विदेशी श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती थी। इन दिनों लोग घरों में हो रहे अनुष्ठानों की फ़ोटो शेयर कर समय बिता रहे हैं। लॉकडाउन में कैद लोगों ने घरों में रामनवमी पूजन और आरती की फ़ोटो, वीडियो अपने मित्रों, रिश्तेदारों को भेजीं। संवाद
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