एक सप्ताह में अल्मोड़ा डिपो को 2.8 लाख का नुकसान, रोजाना 24 बसों का होता है संचालन
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा डिपो की चार रूटों पर पिछले एक सप्ताह से बसें नहीं गई हैं। इससे डिपो को 2.80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, यात्री और पर्यटक बसों की कमी से जूझ रहे हैं।
अल्मोड़ा डिपो से विभिन्न रूटों पर 24 बसों का संचालन किया जाता है। चालकों की कमी से लमगड़ा-दिल्ली, टनकपुर, बेतालघाट-दिल्ली, सायंकालीन देहरादून सेवाओं का संचालन बीते एक सप्ताह से ठप है। बस वर्कशॉप से बाहर नहीं निकल रहीं हैं। पर्यटन सीजन में दिल्ली, देहरादून से ही पर्यटकों की आवाजाही होती है। इस रूट पर बस गायब होने से उन्हें खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
पुरानी बस दे रही हैं धोखा
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा डिपो से संचालित 24 में से 18 बस अपनी उम्र पार कर चुकी हैं। पुरानी बस यात्रियों और पर्यटकों को आए दिन धोखा दे रही हैं। बीते दिनों देहरादून से बागेश्वर जा रही यात्रियों से भरी बस अल्मोड़ा नगर से पांच किमी दूर खराब होकर बीच सड़क में खड़ी हो गई थी। वहीं तीन माह पूर्व दिल्ली से रोडवेज स्टेशन पहुंची एक बस का वर्कशॉप लौटते समय स्टेयरिंग फेल हो गया था। आए दिन इस तरह की दिक्कत आ रही है, लेकिन नई बस की व्यवस्था नहीं हो रही।
कोट-पहले से चालकों की कमी है। इस बीच कुछ चालक चारधाम यात्रा ड्यूटी में गए हैं, इससे बसों के संचालन में दिक्कत आ रही है। चालकों की व्यवस्था के प्रयास हो रहे हैं। -विजय तिवारी, सहायक महाप्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।