नगर निगम अल्मोड़ा में हुई बैठक में मंचासीन पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण समिति के पदाधिकारी।
अल्मोड़ा। उत्तराखंड पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण समिति की बैठक सोमवार को नगर निगम सभागार में हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन दिए जाने के बावजूद उत्तराखंड पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड का गठन अब तक नहीं हो पाया है। उन्होंने इसे पूर्व जवानों के साथ वादाखिलाफी बताते हुए सरकार से अविलंब बोर्ड का गठन करने की मांग की।
बैठक में चिकित्सा सुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। वक्ताओं ने कहा कि हल्द्वानी में सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) सेंटर खोलने की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति तीन वर्ष पहले ही मिल चुकी है लेकिन अब तक सेंटर शुरू नहीं हो पाया है। इसके कारण बुजुर्ग पूर्व जवानों और उनके परिजनों को उपचार के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समिति ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के पूर्व कर्मियों को भी सेना की तर्ज पर वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) का लाभ देने की मांग दोहराई। सीएपीएफ कैंप से दूर रहने वाले पूर्व जवानों की सुविधा के लिए मोबाइल कैंटीन शुरू करने की मांग की गई। उनका कहना था कि इससे सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले पूर्व जवानों और उनके परिवारों को घर के नजदीक कैंटीन की आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी।
बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष तारा दत्त शर्मा ने की जबकि संचालन दीवान सिंह बोरा ने किया। समिति के संरक्षक केबी पांडेय, मनोहर सिंह नेगी, दीवान सिंह बिष्ट, हर्षवर्धन चौधरी, पूरन चंद्र जोशी, जगत सिंह, कैलाश सिंह, होशियार सिंह आदि मौजूद रहे।