एक तरफ समूचे कुमाऊं में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। वहीं इस फायर सीजन में 15 फरवरी से अब तक कुल 15.45 लाख लीटर पानी जंगलों की आग बुझाने में खर्च हो गया। अकेले अल्मोड़ा जिले में इस फायर सीजन में जंगलों की आग पांच लाख लीटर पानी पी गई।
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अल्मोड़ा जिले में फायर सर्विस से मिले आंकड़े इसकी तस्दीक कर रहे हैं। जिले में रानीखेत और अल्मोड़ा में दो फायर सर्विस स्टेशन स्थापित हैं। अल्मोड़ा फायर सर्विस में इस फायर सीजन में जंगलों में आग लगने की 122 जबकि रानीखेत फायर सर्विस के मुाताबिक 87 घटनाएं दर्ज हुईं। संसाधनों के अभाव से जूझ रहे वन विभाग के लिए जंगलों की आग बुझाना चुनौती हुआ। फायर सर्विस ने इन सभी घटनाओं में अपने संसाधनों से आग बुझाई। अल्मोड़ा फायर सर्विस ने 2,64,000 और रानीखेत ने 2,38,000 लीटर पानी का प्रयोग कर जंगलों को आग से बचाया।
287 हेक्टेयर जंगल जले:
अल्मोड़ा वन विभाग के मुताबिक अब तक 157 घटनाओं में 287 हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं। हालांकि बीते कुछ दिनों से बारिश के बाद जंगल की आग शांत है, इससे वन विभाग और फायर सर्विस में राहत है।
कहां कितना पानी हुआ खर्च
स्थान पानी
अल्मोड़ा 2.64
रानीखेत 2.38
बागेश्वर 3.00
पिथौरागढ़ 0.15
चंपावत 4.30
नैनीताल 3.00
इस फायर सीजन में अग्निशमन विभाग ने जंगलों की सुरक्षा के प्रति बेहतर काम किया है। जंगलों में आग की घटनाओं से निपटने के लिए ढाई लाख लीटर से अधिक पानी का उपयोग हुआ।
- महेश चंद्र, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, अल्मोड़ा।