अल्मोड़ा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देघाट में विशेषज्ञ चिकित्सकों के छह में से पांच पद रिक्त होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार के स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के दावों के बावजूद दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति गंभीर बनी हुई है।
अस्पताल में पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट, जनरल सर्जन, फिजिशियन, स्त्रीरोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सकों की तैनाती नहीं है। इसके चलते गंभीर मरीजों को हल्द्वानी, रानीखेत या रामनगर जैसे हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। भरसोली, गोलना, खलडुआ, बसनल गांव, लाल नगरी, चमयाड़ी, सुरमोली, जैखाल, पालपुर, टिटरी, कुमालेश्वर और महरगांव गांवों के लोग उपचार के लिए यहां आते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से उन्हें बिना इलाज के लौटना पड़ता है। यह स्थिति ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल रही है।