अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान (वीपीकेएएस) के हवालबाग प्रक्षेत्र में जनजातीय कृषकों का आजीविका उन्नयन और उद्यमिता सशक्तिकरण विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हुआ। किसानों को रबी फसलों में पोषण और खरपतवार प्रबंधन के तरीके बताए गए।
वैज्ञानिकों ने प्रमुख रबी फसलों और संकर मक्का का बीज उत्पादन, दलहनी और तिलहनी फसलों का बीज उत्पादन, रोग और कीटों का समेकित प्रबंधन, उन्नत सिंचाई तकनीक की जानकारी दी। किसानों को बीज संसाधन केंद्र, लघु कृषि यंत्रशाला व संस्थान के प्रक्षेत्रों का भ्रमण भी कराया गया। प्रशिक्षण के तहत प्रतिभागी किसानों के लिए ग्रामीण व्यवसाय इन्क्यूबेशन (आरबीआई) केंद्र हवालबाग में कृषि उद्यमिता, एफपीओ की भूमिका तथा व्यावसायिक कृषि इन्क्यूबेशन पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। कृषि प्रसंस्करण केंद्र हिलांस से जुड़ी एक सफल महिला कृषि उद्यमी ने अपनी प्रेरक सफलता कहानी साझा की। किसानों को आदर्श कृषि ग्राम भगरतोला का भ्रमण भी कराया गया। समापन पर किसानों ने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। वहां डॉ. देवेंद्र शर्मा, डॉ. नवीन चंद्र गहत्याड़ी, डॉ. राजेश कुमार खुल्बे आदि मौजूद रहे।