शहर में रविवार को मां नंदा-सुनंदा का भव्य डोला निकलने के साथ ही नंदादेवी महोत्सव का समापन हो गया है। मां के डोले में हजारों की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते और भजन गाते हुए चल रहे। लोगों ने डोला मार्ग के दोनों ओर खड़े होकर, मकानों की छत, खिड़कियों से मां नंदा-सुनंदा के दर्शन कर पुष्प और अक्षत अर्पित किए। इससे पहले शनिवार देर रात नंदादेवी मंदिर प्रांगण में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
आज सुबह चंद वंशज केसी सिंह बाबा ने नंदादेवी मंदिर में पूजा अर्चना की। शाम को मंदिर से मां नंदा-सुनंदा का डोला शुरू हुआ। डोले के आगे छोलिया नृर्तक दल नृत्य करते और पारंपरिक परिधान में सजी महिलाएं भजन गाते हुए चल रही थी। भक्तजन मां के जयकारे लगाते नृत्य करते भजन गाते चल रहे थे। बाजार में दोनों ओर, घरों की छतों, खिड़कियों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मां नंदा सुनंदा के दर्शन किए। डोले में अक्षत और पुष्प अर्पित किए। डोला बाजारों से होते हुए निकला। बाद में नंदा-सुनंदा की मूर्तियों को दुगालखोला स्थित नौले में धार्मिक विधि विधान के साथ विसर्जित कर दिया गया।
शोभायात्रा में चंदवंशज केसी सिंह बाबा, केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व केंद्रीय रेल राज्यमंत्री सतपाल महाराज, राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, संसदीय सचिव मनोज तिवारी, पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, रघुनाथ सिंह चौहान, केवल सती, मेला समिति के अध्यक्ष शिरीष पांडे, मुख्य संयोजक दिनेश गोयल, मनोज वर्मा, मनोज सनवाल, तारा चंद्र जोशी, हरीश बिष्ट, एलके पंत, नागेश पंत, नरेंद्र वर्मा, अशोक पांडे, हेम तिवारी, किशन गुरुरानी, ललित लटवाल, देवेंद्र चौहान, शोभा जोशी, आनंद बगडवाल, अनूप साह आदि मौजूद थे। सुरक्षा के लिए शहर में जगह-जगह काफी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद था। उधर शनिवार रात नंदादेवी मंदिर प्रांगण में जय नंदा लोक कला केंद्र, घुघुती ग्रुप, नव हिमालयन लोक कला केंद्र, पिंडर सांस्कृतिक समिति चमोली के कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रम पेश किए। कार्यक्रमों का देर रात तक लोगों ने आनंद लिया।
नवीन उपाध्याय