अल्मोड़ा में पालिका का बना बदुउद्देश्यीय भवन।
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नगर पालिका क्षेत्र अल्मोड़ा में नियम कानूनों को ताक में रखकर धड़ल्ले से निर्धारित मानक से अधिक ऊंचाई के कई भवनों का निर्माण हो चुका है। नियमानुसार पालिका क्षेत्र में अधिकतम 12 मीटर (40 फुट) ऊंचे ही मकानों का निर्माण हो सकता है, परंतु निकाय क्षेत्र में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पालिका परिषद भी ऐसे भवन स्वामियों पर लगाम कसने में नाकाम साबित हो रही है।
अल्मोड़ा शहर भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है और जोन पांच में आता है। निकाय क्षेत्र में भवन निर्माण से पहले भूमि स्वामी को पालिका परिषद में नक्शा पास कराना होता है। पालिका परिषद के पास अधिकतम 7.5 मीटर (25 फुट) ऊंचाई के भवन निर्माण के लिए नक्शा पास करने का अधिकार है। इससे अधिक और अधिकतम 12 मीटर (40 फुट) ऊंचाई तक यदि भू स्वामी को मकान निर्माण करना होता है तो इसके लिए आईआईटी रुड़की और पंतनगर विश्वविद्यालय के माध्यम से सरकार द्वारा नामित आर्किटेक्टों की भवन निर्माण के लिए संस्तुति जरूरी होती है। आर्किटेक्टों की संस्तुति के बाद ही पालिका परिषद भवन के नक्शे पास करती है। पालिका परिषद ने नगर में भूकंपरोधी भवन निर्माण भी अनिवार्य कर रखा है।
नियमानुसार अधिकतम 12 मीटर से अधिक ऊंचे भवनों का निर्माण पालिका क्षेत्र में प्रतिबंधित है, परंतु शहर में अनेक स्थानों पर निर्धारित से अधिक ऊंचाई के बहुमंजिले भवन बन गए हैं। पर पालिका परिषद ऐसे निर्माण कार्यों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है।