राजकीय अस्पताल में दवाओं की जानकारी हासिल करती जिलाधिकारी। संवाद
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। डीएम बनने के बाद पहली बार तहसील मुख्यालय पहुंची डीएम वंदना सिंह ने तहसील और रानीखेत अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों को बाहर से दवाई लिखने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। अस्पताल परिसर में पार्किंग के लिए उचित व्यवस्था करने, इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों के मोबाइल नंबर नाम नोटिस बोर्ड में लगाने और हैल्प डेस्क स्थापित करने को कहा। तहसील कार्यालय में अभिलेखों की जांच के साथ उन्होंने तमाम कार्यालयों का निरीक्षण किया। रजिस्ट्रार कानूनगो की हड़ताल के चलते कार्य प्रभावित न हो वहां सक्षम अधिकारियों को चार्ज देने के निर्देश भी जारी किए।
शनिवार को डीएम तहसील मुख्यालय पहुंची और संयुक्त मजिस्ट्रेट जय किशन को जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद वे राजकीय अस्पताल पहुंची। दवा का स्टॉक देखा, इस दौरान कुछ मरीजों ने उनसे बाहर से दवा लिखने की बात कही तो उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने सीएमएस डा. केके पांडेय को स्टॉक खत्म होने से पहले ही सूची तैयार करने को कहा। उन्होंने वार्डों का भी दौरा किया। लेबर रूम को अन्यत्र शिफ्ट करने पर भी चर्चा की। डीएम ने अस्पताल के लिए अति आवश्यक उपकरणों और दवाइयों की खरीद के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट को अधिकृत किया है।
विधायक ने रखी समस्या
रानीखेत। क्षेत्रीय विधायक करन माहरा, ब्लाक प्रमुख हीरा रावत, नगर पालिका अध्यक्ष कल्पना देवी आदि ने तहसील कार्यालय पहुंचकर डीएम से मुलाकात की। उन्होंने पालिका में नियमित ईओ की नियुक्ति, पेयजल की समस्या व ट्रंचिंग मैदान की समस्याओं के बारे में बताया।
अस्पताल की बदहाल सड़क का डीएम ने लिया संज्ञान
रानीखेत (अल्मोड़ा)। उपमंडल क्षेत्र के सबसे बड़े राजकीय अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क के अब दिन बहुरने की उम्मीद है। डीएम वंदना सिंह ने अस्पताल प्रशासन से इसके सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश दे दिए हैं। 22 नवंबर को अमर उजाला ने भी इस मामले को प्रकाशित किया था। शनिवार को अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची डीएम वंदना सिंह ने प्रशासन से सड़क की मरम्मत का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।