अल्मोड़ा। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गनाइजेशन ने संसद में पारित पेंशनर्स के वर्गीकरण संबंधी अधिनियम को वापस लेने की मांग करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा है कि एक ऐसा अधिनियम जो पेंशनर्स का वर्गीकरण करने व उनके बीच अंतर बनाए रखने का अधिकार भारत सरकार को प्रदान करता है उसे 25 मार्च 2025 से प्रभावी कर दिया गया है। इस अधिनियम के कारण किसी भी केंद्रीय वेतन आयोग या अन्य वेतन आयोगों के कार्यकाल से पूर्व सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को उस वेतन आयोग की अनुशंसाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। पेंशनर्स पेंशन वृद्धि के लाभ से वंचित हो जाएंगे। वर्तमान अधिनियम के प्रावधानों से एक जनवरी से पूर्व सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को अपूर्णीय क्षति होने की संभावना है। ज्ञापन देने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष हेम चंद्र जोशी, चंद्रमणी भट्ट, आनंद सिंह बगड़वाल, डाॅ. गोकुल सिंह रावत, गिरीश जोशी, सीएस बनकोटी आदि मौजूद रहे।