आमरण और क्रमिक अनशन पर बैठे ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। ईड़ा में पानी के लिए चल रहे आमरण अनशन के बीच अब महिलाएं भी आंदोलन में कूद गई हैं। पानी के लिए परेशान महिलाओं ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। छह दिनों से चल रहे अनशन की प्रशासन और विभाग द्वारा सुध न लेने से ग्रामीण बेहद खफा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक वह लोग अनशन खत्म नहीं करेंगे। उपेक्षा को लेकर यहां महिलाओं में भी भारी आक्रोश देखा गया।
पेयजल योजना के पुनर्गठन की मांग को लेकर लेकर ईड़ा में पिछले छह दिनों से आमरण अनशन चल रहा है। यहां चार लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं। रविवार से अब महिलाएं भी आंदोलन में कूद गई हैं। पहले दिन क्रमिक अनशन पर नीमा देवी, जयंती देवी, आनंदी देवी, नंदी देवी और ज्योति बैठीं । आंदोलन को भारी संख्या में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि छह दिन से आमरण अनशन चल रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन और विभाग के नुमाइंदों ने इसकी सुध तक नहीं ली है। कहा कि पूर्व में झूठे आश्वासनों के माध्यम से ग्रामीणों का आंदोलन स्थगित कराया गया, जबकि मांग निर्धारित समय तक भी पूरी नहीं हो सकी। इस कारण ग्रामीणों को आमरण अनशन शुरू करना पड़ा। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से पानी की किल्लत चल रही है। पिछले ढाई महीने से पानी की बूंद नहीं टपकी है। महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। काम धंधे का समय चल रहा है, ऐसे में सारा वक्त पानी की जुगत में लग जा रहा है। यहां आंदोलन को समर्थन देने के लिए जमीनीपार के प्रधान कौस्तुभ कुमार सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य ईड़ा शोभा रावत, महेंद्र सिंह, नगेंद्र सिंह, हेमंत सिंह, दुर्गा राम, गोपाल राम, शेरी राम आदि भी पहुंचे।