राज्य आंदोलनकारियों का दूसरे चरण का आमरण अनशन यहां नगर पंचायत परिसर में जारी है। अनशनकारी राम सिंह बोरा चौथे दिन भी अनशन पर डटे रहे। उनके स्वास्थ्य में अब गिरावट आने लगी है। आंदोलन को लोगों का भारी समर्थन भी मिल रहा है। आंदोलनकारियों ने शासन प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया और जमकर नारेबाजी भी की।
चिन्हीकरण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों का अनशन सातवें दिन में प्रवेश कर गया है। आंदोलनकारियों ने हर संभव संघर्ष करने का ऐलान किया है। कहा कि कई बार आंदोलन किए गए, लेकिन शासन प्रशासन ने झूठे आश्वासनों के माध्यम से हर वक्त राज्य आंदोलनकारियों के साथ छलावा किया है। कहा कि ऐसे लोगों को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा दिया गया है, जिनका आंदोलन से कहीं से कहीं तक का नाता नहीं रहा। द्वाराहाट और चौखुटिया से ही 12 राज्य आंदोलनकारियों को आज तक आंदोलनकारी का दर्जा नहीं मिला है। दूसरे चरण में अनशन पर बैठे राम सिंह बोरा चौथे दिन भी डटे रहे। इधर डाक्टरों ने उनके स्वास्थ्य का परीक्षण किया, बताया कि उनका वजन तीन किलो कम हो गया है। इधर, आंदोलनकारियों ने बताया कि सोमवार को डीएमके साथ अल्मोड़ा में बैठक होनी है, यदि चिन्हीकरण को लेकर सार्थक कार्रवाई नहीं हुई तो चक्काजाम और बेमियादी अनशन जैसी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। आंदोलन को समर्थन देने के लिए चौखुटिया से गणेश जोशी, लालूरी के प्रधान मृदुल शर्मा, जगत सिंह मनराल, गिरधर सिंह, परमानंद कांडपाल, सुरेंद्र रावत, रामदत्त कांडपाल, सुरेंद्र रावत, नरेंद्र सिंह, कैलाश फुलारा, बीसी जोशी, रतन सिंह आदि धरने पर बैठे।