मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने जैंती तहसील के तल्ला बिनौला गांव में चार वर्षीय बालिका को निवाला बनाने वाले तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर मारने के आदेश दे दिए हैं। यही तेंदुआ जनवरी में पितना गांव से भी एक बच्चे को उठा ले गया था। तेंदुए को मारने के लिए बिजनौर (उप्र) से शिकारी बुलाकर क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। तहसील के दर्जनों गांवों में तेंदुए का आतंक बना हुआ है।
16 जनवरी को तेंदुआ पितना गांव से एक चार साल के बच्चे लक्की को उठा ले गया था। इसके बाद तेंदुए ने 31 मार्च को तल्ला बिनौला गांव में चार वर्षीय बालिका को शिकार बना लिया था। तेंदुआ ध्यूली धौनी और छाना खरकोटा में महिलाओं पर भी हमला कर चुका है। घटना के बाद वन विभाग ने पितना और तल्ला बिनौला गांव में पिंजरे लगाए, लेकिन चालाक तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंस रहा है। तेंदुआ आसपास के अन्य गांवों में भी दिखाई दे रहा है। तेंदुए के आतंक से लोगों में भय व्याप्त है।
तेंदुए के आतंक के कारण लोगों का शाम को घरों से अकेले बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। महिलाएं भी अकेले घास लेने जंगल नहीं जा रही है। अल्मोड़ा वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी रमेश चंद्रा ने बताया कि दो बच्चों को शिकार बनाने वाले तेंदुए को नरभक्षी घोषित करने के लिए मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक को पूर्व में पत्र भेजा गया था।
डीएफओ ने बताया कि मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के बिजनौर (शेरकोट) से शिकारी साद बिन आसिफ उर्फ सैफी को बुलाकर क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। वन कर्मी और शिकारी कांबिंग कर रहे हैं। जंगल में मचान बनाया गया है। आशा है जल्द ही क्षेत्र के लोगों को तेंदुए से मुक्ति मिल जाएगी।