पर्यटन नगरी में अतिथि देवो भव की परंपरा रविवार की देर रात तार तार होती नजर आई। रात 9:30 बजे गांधी चौक इलाके में कुछ पर्यटक घूम रहे थे।
तभी रोडवेज स्टेशन की तरफ से आ रही तेज गति की कार में सवार कुछ युवकों ने एक पर्यटक महिला का हाथ पकड़ लिया और छेड़खानी करने लगे। महिला के जवाबी हमले से युवक कार सहित फरार हो गए। गश्ती पुलिस ने पीछा किया, लेकिन कोई नहीं मिला।
पर्यटन नगरी में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन चल रहा है। इन दिनों पर्यटकों से बाजार भी गुलजार है। रविवार की रात कुछ पर्यटक बाजार में घूम रहे थे। तभी गांधी चौक पर एक कार में सवार चार से पांच युवकों ने महिला पर्यटक का हाथ पकड़ लिया और बदसलूकी, छेड़खानी करने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला ने भी युवकों पर हमला बोल दिया तो वहां भीड़ बढ़ गई, देखते ही देखते हंगामा खड़ा हो गया। लोगों ने पुलिस को सूचना दी, इसी बीच कार सवार सभी युवक फरार हो गए। गश्ती पुलिस ने पीछा किया लेकिन उसे भी नाकामी हाथ लगी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार तराई क्षेत्र की थी और इसमें एक राजनीतिक दल के किसी जिला पदाधिकारी का बोर्ड लगा था। रविवार की रात हुई यह घटना बाजार में चर्चा का विषय बनी रही।
लोगों का कहना है कि अतिथियों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किया जाना ठीक नहीं है। इससे क्षेत्र की बदनामी हो रही है।
पुलिस को भी अपने काम को सही तरीके अंजाम देना चाहिए था। कार सवारों को पकड़कर उन्हें दंड मिलना चाहिए। इसके लिए पुलिस को जांच करनी होगी।
गांधी चौक पर घूम रहे पर्यटकों में से पीड़ित महिला वहां खड़े स्थानीय नागरिकों पर भी भड़क गई। उसका कहना था कि सरेआम महिला का हाथ पकड़ लिया गया और लोग चुपचाप तमाशा देखते रहे।
उन्होंने कहा कि सुना था कि पहाड़ के लोग हिम्मती होते हैं, लेकिन यहां लोग तामाशबीन बने रहे। हालांकि पर्यटकों ने पुलिस कार्रवाई समेत नाम, पता बताने से इन्कार कर दिया।
रात को पौने दस बजे कोतवाली में फोन कर किसी ने गांधी चौक में पर्यटक महिला के साथ बदसलूकी होने की सूचना दी। गश्ती पुलिस को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए, पुलिस ने कार का पीछा भी किया, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ सका।