अल्मोड़ा। सरकार नौनिहालों के स्कूलों को साधन संपन्न बनाने के दावे कर रही है लेकिन स्कूल भवनों के जीर्णशीर्ण होने के कारण बच्चों और शिक्षकों को खतरा बना रहता है। कई स्कूलों की तरह ही प्राथमिक स्कूल जाखसौड़ा के भवन की स्थिति भी काफी खराब बनी हुई है। बारिश होने पर छात्र-छात्राओं को खतरा बना रहता है। हालांकि वर्तमान में कोविड संक्रमण के कारण प्राथमिक कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं।
ताकुला के जाखसौड़ा गांव में बना प्राथमिक स्कूल भवन खस्ताहाल स्थिति में पहुंच गया है। भवन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। छत भी शीर्ण स्थिति में पहुंच गई है बारिश होने पर कक्षा कक्षों के भीतर पानी आता है। फर्श भी टूटा हुआ है। ऐसी स्थिति में छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षिकों को भी खतरा बना रहता है। अभिभावक और ग्रामीण लंबे समय से नया स्कूल भवन बनाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन शासन और शिक्षा विभाग स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
गांव की प्रधान धना देवी, जाखसौड़ा के सरपंच दिनेश पिलख्वाल ने बताया कि स्कूल भवन में दो कक्ष और एक कार्यालय कक्ष है। ये वर्तमान में जीर्णशीर्ण स्थिति में पहुंच गए हैं। कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। स्कूल भवन के खतरे को देखते हुए कई अभिभावक अपने बच्चों को दूसरे स्कूलों में प्रवेश करा रहे हैं। इससे स्कूलों में छात्र संख्या भी घट रही है। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को पत्र लिखकर जीर्ण-शीर्ण जाखसौड़ा स्कूल भवन के स्थान पर नया स्कूल भवन बनाने की मांग उठाई है।
जीर्ण-शीर्ण स्कूल भवनों की स्थिति को लेकर सीईओ दें जवाब
अल्मोड़ा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और सिविल जज (सीडि)रविशंकर मिश्रा ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर जिले के जीर्णशीर्ण स्कूलों भवनों की स्थिति को लेकर सूचना देने के निर्देश दिए हैं। पत्र में उन्होंने कहा कि संविधान में संशोधन कर अनुच्छेद 21(ए) जोड़कर शिक्षा के अधिकार को मूल अधिकार बनाया गया है। स्कूल भवन जीर्णशीर्ण होने से अध्यापन कार्य प्रभावित होता है। इससे विद्यार्थी शिक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा है कि उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा सामाजिक कार्यों के संबंध में दिए निर्देश के तहत प्राधिकरण काम कर रहा है। जिले के स्कूलों की जीर्णशीर्ण स्थिति को लेकर पूर्व में भी पत्र भेजा गया था, जिसका कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने सीईओ को पुन: पत्र लिखकर ताड़ीखेत ब्लाक के सोलनी गांव में जीर्णशीर्ण स्थिति में पहुंचे प्राथमिक स्कूल भवन को लेकर भी तीन दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा है।
क्षतिग्रस्त स्कूल भवन की मरम्मत की मांग
अल्मोड़ा। भनोली तहसील के राजकीय हाईस्कूल चेलछीना के भवन पर चार माह पहले चीड़ का विशाल पेड़ गिर गया था। इससे स्कूल का भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। चार माह बाद भी स्कूल भवन में गिरे चीड़ के पेड़ को नहीं हटाया जा सका है। स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक बसंत भट्ट ने इस संबंध में वन विभाग, तहसील, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को सूचित कर दिया था, लेकिन अब तक स्कूल भवन के ऊपर गिरे चीड़ के पेड़ को नहीं हटाया गया और न ही भवन की मरम्मत के लिए शासन प्रशासन और विभाग ने राशि दी है। पूर्व प्रधान नवीन सनवाल ने दैवीय आपदा मद से क्षतिग्रस्त स्कूल भवन का पुनर्निर्माण के लिए राशि अवमुक्त करने की मांग की है।