सैजारी गांव से लगे जंगल में बछिया मारकर खाने वाले लीसा श्रमिकों के ठेकेदार को पुलिस द्वारा छोड़ देने पर हिंदूवादी संगठन बृहस्पतिवार भड़क उठे।
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सैजारी गांव से लगे जंगल में बछिया मारकर खाने वाले लीसा श्रमिकों के ठेकेदार को पुलिस द्वारा छोड़ देने पर हिंदूवादी संगठन बृहस्पतिवार भड़क उठे। भाजपा, विहिप, बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सोमेश्वर बाजार में जुलूस निकाला और थाने का घेराव किया। बाद में पुलिस ने ठेकेदार को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इधर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर गत दिवस गिरफ्तार किए गए बमबिला अरुणाचल प्रदेश निवासी पांचों आरोपी श्रमिकों को जेल भेज दिया है।
मालूम हो कि अरुणाचल प्रदेश के बमबिला निवासी मजदूरों विजय मजबू, अनी बइंग, अशोक हगम, केंडल लाली, पेमा छिलिंग ने सैजारी गांव के जंगल में बछिया को मारकर गोश्त खा लिया था। इससे क्षेत्र के लोग भड़क उठे थे। पुलिस ने पांचों आरोपियों को धारा 3/11 उत्तराखंड गौवंशीय संरक्षण अधिनियम और धारा 429 में बुधवार को गिरफ्तार किया था।
हिंदूवादी संगठनों का आरोप था कि पुलिस ने श्रमिकों को के ठेकेदार कालू तमंग पुत्र विरदोज निवासी चिप्पा अरुणांचल प्रदेश को बुधवार को पकड़ा था, लेकिन रात में छोड़ दिया। ठेकेदार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को सोमेश्वर बाजार में जुलूस निकाला और व्यापारियों से दुकानें बंद करने का आह्वान किया। हालांकि कतिपय व्यापारियों ने कुछ देर दुकानें भी बंद रखी और बाद में दुकानें खुल गई। जुलूस लेकर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और थाने का घेराव किया। उन्होंने ठेकेदार को पुलिस द्वारा छोड़ने पर कड़ा आक्रोश जताया। इसके बाद पुलिस ने ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष केआर आर्या ने बताया कि ठेकेदार कालू तमंग को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इधर पुलिस ने गत दिवस गिरफ्तार पांचों आरोपियों को सीजेएम न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।