शहीद दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तराखंड छात्र संगठन की संगोष्ठी हुई। इसमें वक्ताओं ने छात्रों, युवाओं से शहीदे आजम भगत सिंह के सपनों को साकार करने को कहा गया। इसके लिए सामाजिक, राजनीतिक, व्यवस्था परिवर्तन के लिए संघर्ष का आह्वान किया गया।
संगठन कार्यालय में ‘समसामयिक संदर्भों में भगत सिंह’ विषय पर हुई संगोष्ठी में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि देश को आजादी दिलाने में भगत सिंह का अहम योगदान है। भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी। अंग्रेजों के जाने के बाद भी देश की स्थिति बदली नहीं है। युवाओं को भगत सिंह के विचारों को आत्मसात कर सामाजिक, राजनीतिक, व्यवस्था परिवर्तन के लिए सशक्त भूमिका निभानी होगी।
वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह एक क्रांतिकारी ही नहीं बल्कि एक परिपक्व दार्शनिक राजनीतिज्ञ के रूप में सामने आए हैं। उन्होंने मात्र 23 साल की उम्र में जो संघर्ष, विचार, दिशा देश को दी। युवाओं को उसको आगे बढ़ाना होगा। संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रभा दानू, संचालन खजान जोशी ने किया। संगोष्ठी में उत्तराखंड छात्र संगठन के संयोजक ललित बिष्ट, एसएसजे परिसर अल्मोड़ा की छात्रसंघ कोषाध्यक्ष सुनीता दानू, जन्मेजय तिवारी, देवेश कुमार, किरन जोशी, नीमा दानू, माहेश्वरी, खष्टी दानू, धीरेंद्र रावत, जीवन चंद्र आर्य आदि ने विचार रखे।
किसान जन संगठनों के राष्ट्रीय आह्वान पर भगत सिंह का शहादत दिवस 23 मार्च को भू-अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाएगा। वहां केंद्र की मोदी सरकार से पूंजीपतियों के पक्ष में लाए जा रहे भू-अधिग्रहण बिल को वापस लेने की मांग की जाएगी। उपपा की बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने समान विचारधारा के सभी संघर्षशील संगठनों से पूर्वाह्न 11:30 बजे गांधी पार्क चौघानपाटा पहुंचने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जनांदोलनों की राष्ट्रीय समन्वय समिति, अन्ना हजारे, अखिल भारतीय लोक मंच ने देश के सभी संघर्षशील, समान विचार के संगठनों से इस बिल के खिलाफ एकजुटता का आह्वान किया है।