पीजी कालेज में प्राध्यापकों की नियुक्ति और अन्य समस्याओं को लेकर आंदोलनरत छात्र छात्राओं ने नगर में जुलूस निकाला। बाद में मुख्य चौराहे पर धरना भी दिया गया। शासन-प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी भी की गई। 26 दिसंबर से आमरण अनशन की चेतावनी दी गई है।
मालूम हो कि छात्र-छात्राएं छात्र संघ के बैनर तले स्थानांतरित अंग्रेजी प्राध्यापक की वापसी, स्नातक, परास्नातक स्तर पर नए विषय खोलने, बीकॉम में पद सृजित करने, रिक्त विषयों में प्राध्यापकों की नियुक्ति करने की मांग को लेकर पिछले चार दिन से क्रमिक अनशन कर रहे हैं। अनशन के चौथे दिन शनिवार को प्रदर्शन किया गया। छात्र-छात्राओं ने नारेबाजी के साथ नगर में जुलूस निकाला और शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में मुख्य चौराहे पर धरना देकर शासन की नीतियों को जमकर कोसा। कहा कि जब तक समस्याएं हल नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
तय हुआ कि 26 दिसंबर से आमरण अनशन किया जाएगा। इससे पहले क्रमिक अनशन पर अध्यक्ष गिरीश चंद्र, पूर्व सचिव कुंदन अधिकारी, करन रावत बैठे। सुशीला भंडारी, अंजली वर्मा, निकिता भंडारी ने समर्थन में धरना दिया। जुलूस प्रदर्शन में सूरज उपाध्ययाय, सुंदर बिष्ट, हेमलता, भावना, सरोज, ज्योति, प्रियंका, संजय, राहुल, हिमांशु, शालू, नीलम, मंजू, तनुजा, सुमन, सुंदर सिंह, सहित भारी संख्या में छात्र छात्राएं शामिल थे।