अल्मोड़ा का बडन मेमोरियल चर्च।
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उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम दशक में रेवरन जेएच बडन की याद में बनाया गया बडन मेमोरियल चर्च आज भी नगर की खूबसूरती में चार चांद लगाए हुए है। शहर के बीचों-बीच शान से खड़ा यह चर्च बेजोड़ वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। रोमन इंग्लिश शैली का बना चर्च करीब चालीस मीटर लंबा और तीस मीटर ऊंचा है। क्रिसमस पर्व के लिए चर्च को बहुत खूबसूरती से सजाया गया है।
शहर के बीचों बीच ब्रिटिश काल में बना बडन मेमोरियल चर्च 119 वर्ष पुराना है। अल्मोड़ा मिशन के पादरी रहे रेवरन जेएच बडन की याद में उनके परिवारजनों ने उन्नीसवीं शताब्दी में इस चर्च का निर्माण कराया था। यह चर्च दो मार्च 1897 को बनकर तैयार हुआ। ऐतिहासिक और बेजोड़ वास्तुकला के कारण बडन मेमोरियल चर्च आज भी शहर की शान में खड़ा है और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चालीस मीटर लंबे और तीस मीटर ऊंचे चर्च की खासियत यह है कि इसमें तीन सौ से अधिक लोग एक साथ प्रार्थना कर सकते हैं।
यह चर्च मैथोडिस्ट चर्च आफ इंडिया से संबद्ध और नार्थ इंडिया रिजन कांफ्रेंस बरेली से संचालित है। इस चर्च से शहर का आधा भाग दिखाई देता है। बीच में छोटा मैदान और बैठने की जगह होने के कारण अक्सर पर्यटक यहां पहुंचते हैं। इन दिनों सुबह और सायं के समय प्रार्थना के लिए भी काफी भीड़ जुट रही है।