अल्मोड़ा। प्रदेश सरकार ने स्मार्ट टाउनशिप परियोजना के तहत जागेश्वर क्षेत्र को विकसित करने का निर्णय लिया है। परियोजना को कार्यरूप देने की जिम्मेदारी शासन ने उत्तराखंड आवास एवं नगरीय विकास प्राधिकरण (उडा) को सौंपी है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने क्षेत्र में पर्यटकों की आमद, वहां मौजूद सुविधाएं और संसाधन आदि के आंकड़े सरकार को उपलब्ध करा दिए हैं, लेकिन स्मार्ट टाउनशिप का निर्माण कहां होगा, भूमि आदि की क्या व्यवस्था होगी इसकी जानकारी प्रशासन के अधिकारियों को भी नहीं है।
राज्य सरकार ने अक्तूबर 2015 के पहले पखवाड़े में जागेश्वर में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन किया था। गुरुड़ाबांज में हुए महोत्सव के समापन पर मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी पहुंची थीं। इस दौरान हुई जनसभा में सीएम ने गुरुड़ाबांज क्षेत्र को स्मार्ट टाउन के तौर पर विकसित करने की घोषणा की थी। अब प्रदेश कैबिनेट ने जागेश्वर को स्मार्ट टाउनशिप परियोजना के तहत विकसित करने का निर्णय लिया है।
स्मार्ट टाउनशिप विकसित करने को सरकार ने घोषणा तो कर दी है, लेकिन परियोजना का प्रारूप क्या होगा। इसके लिए भूमि की व्यवस्था कहां से होगी, किन लोगों को इससे लाभ मिलेगा आदि की कोई जानकारी नहीं है। डीएम सविन बंसल ने बताया कि कुछ समय पहले शासन ने जागेश्वर में आने वाले पर्यटकों की आमद, वहां मौजूद संसाधन आदि के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए थे। मांगी गई सूचनाएं जिला स्तर से शासन को भेजी जा चुकी हैं। भूमि का चयन नहीं हुआ है। डीएम ने बताया कि परियोजना को लेकर फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। शासन से इस बारे में निर्देश मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।