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लोक निर्माण विभाग में 16 चीफ इंजीनियर

Sat, 07 Mar 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
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राज्य गठन के बाद भले ही प्रदेश की बुनियादी समस्याएं अब तक हल नहीं हुई हैं लेकिन सरकार ने विभागों में अधिकारियों की फौज खड़ी कर दी है। उप्र में रहते उत्तराखंड में लोक निर्माण विभाग का काम देखने को एक मात्र एक मुख्य अभियंता (सीई) का पद था। बाद में कुमाऊं और गढ़वाल में दो सीई थे लेकिन वर्तमान में 16 सीई और 30 अधीक्षण अभियंता (एसई) के पदों का सृजन हो गया है। शासन ने कई नए कार्यालयों के लिए किराए के महंगे भवनों का इंतजाम भी कर लिया परंतु जेई से लेकर अमीन, क्लर्क आदि कर्मियों की कमी है।
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राज्य गठन के बाद अन्य विभागों की तरह ही लोनिवि में अधिकारियों के पदों का लगातार सृजन हो रहा है। प्रदेश में सीई के 16 और एसई के 30 पद हो गए हैं। अल्मोड़ा में ही दो सीई बैठने लगे हैं। पूर्व तक जिले में पीडब्लूडी के प्रांतीय और निर्माण खंड थे। इन खंडों के अलावा अब एडीबी, पीएमजीएसवाई,  पीएमजीएसवाई-सिंचाई, एडीवी-2 और दैवीय आपदा खंड खोल दिए हैं। सरकार ने नए कार्यालय खोलकर बड़े अफसरों की तैनाती तो कर दी लेकिन चतुर्थ श्रेणी, मिनिस्टीरियल कर्मी, अमीन, सर्वेयर, जेई, एई आदि पदों पर मानक के मुताबिक तैनाती नहीं की गई है। कर्मियों की कमी के चलते वर्षों पहले मंजूर कई सड़कों का निर्माण अब भी अधर में लटका है।

मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के क्षेत्रीय महामंत्री चंद्रमणि भट्ट ने बताया कि नए कार्यालयों में मिनिस्टीरियल कर्मियों के पद भरे जाने तो दूर कुमाऊं मंडल के कार्र्यालयों में स्वीकृत 120 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। उनका कहना है कि धरातल पर काम करने वाले कर्मचारी ही नहीं होंगे तो काम की गति कैसे बढ़ेगी।
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