चैत्राष्टमी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची है। चौथे दिन अल्मोड़ा से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। दूसरी ओर नागाड़ और उडलीखान से सजधज कर आईं महिलाओं के झोड़े भी आकर्षण के केंद्र में रहे।
अगनेरी मंदिर परिसर में आयोजित चैत्राष्टमी मेला पूरे शबाब पर पहुंच गया है। मेले के चौथे दिन जय नंदा लोक कला केंद्र अल्मोड़ा के कलाकारों ने देव वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसी क्रम में छपेली मोतिया बौरांणा, झटकै दे तू काई घाघरी, दूनी देखली तकैं, त्वीलै धारौ बौला ऐ छोरी लछिमा और युगल नृत्य ओ हीरा समधिनी हीरा नाची दे की प्रस्तुति से समां बांधा।
नव हिमालयन रूप कला समिति अल्मोड़ा के कलाकारों ने शिव वंदना उत्तराखंड देव भूमि तैरी जय जयकारा हो, चौखुटिया बाजारा हुड़की बाजी रे छम, गढ़वाली नृत्य आई गैना ऋतु बड़ी ढाई जैसो फेरो की प्रस्तुति से लोगों को बांधे रखा। इस दौरान दोनों टीमों के गायकों लता पांडे, पूरन दा, इंदु आर्या, ललित पांडे ने गीतों की प्रस्तुति दी। दिशा कान्वेंट स्कूल के बच्चों ने गढ़वाली, कुमाऊंनी लोकगीत आदि कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान नागाड़, उडलीखान से परंपरागत रंगवाली पिछौड़ा पहने महिलाओं ने झोड़ा खोल दे माता खोल अगनेरी खोल दे किवाड़ सहित कई झोड़े गाए। इस दौरान मेला समिति के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप बिष्ट ने सभी का स्वागत किया।
संचालन जसीराम, आनंद नाथ ने किया। वहीं तहसीलदार दीवान सिंह बिष्ट, पूर्व प्रमुख मीना कांडपाल, दान सिंह रौथांण, दरबान बिष्ट, जीवन नेगी, आनंद किरौला आदि थे। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही देर शाम प्रतिदिन गंगा आरती का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मुख्य मेला बृहस्पतिवार को होगा। वहां जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती मेहरा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहन सिंह मेहरा, राजेंद्र सिंह किरौला, राधा पांडे, दयाल मेहरा, पूरन संग्रेला, जगत नेगी, दान सिंह कुमइयां, बालादत्त तिवारी आदि थे।