शनिवार को स्मैक का एक और मामला सामने आने के बाद यह आशंका बढ़ रही है कि इस धंधे में लिप्त लोगों का गैंग बना हुआ है जो मैदानी इलाकों से स्मैक लाकर यहां सप्लाई कर रहे हैं। एक साल के भीतर स्मैक पकड़े जाने का यह चौथा मामला है। इधर पुलिस इस मामले में नशे के कारोबार से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में सबूत जुटाने में जुट गई है।
मालूम हो कि अल्मोड़ा पुलिस ने बीते शनिवार को स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। गोपालधारा निवासी आरोपी लोकेश तिवारी को पुलिस ने 6.60 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह रुद्रपुर और अन्य जगहों से स्मैक लाकर यहां सप्लाई करता था।
जिससे इस बात की पूरी आशंका है कि इसके साथ कुछ और लोग भी इस धंधे में जुड़े हुए हैं जो अल्मोड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में युवाओं और स्कूली छात्रों को स्मैक कारोबार की ओर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। एक साल के भीतर स्मैक संबंधी चौथा मामला आने के बाद आरोपी युवक से पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम सुराग भी मिले हैं। जिसके बल पर पुलिस ने इस धंधे में लिप्त अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
मालूम हो कि चरस का कारोबार यहां पहले से फल फूल रहा है। ग्रामीण इलाकों से कुछ धंधेबाज भारी मात्रा में चरस सप्लाई करते आ रहे हैं। जिसमें से कुछ आरोपी पुलिस के हत्थे भी चढ़ चुके हैं। चरस के साथ साथ स्मैक का धंधा शुरू होने से पुलिस और ज्यादा चौकन्नी हो गई है। एसएसपी पी रेणुका देवी ने नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाते हुए पुलिस की कई टीमों को इस कार्य में लगा रखा है।