स्याल्दे तहसील क्षेत्र में लीसा डालने की घटना के दौरान मौजूद बच्चे। संवाद न्यूज एजेंसी
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चौखुटिया/स्याल्दे (अल्मोड़ा)। स्याल्दे ब्लाक अंतर्गत चौना वन पंचायत में जंगल गए पांच मासूम बच्चों को सिर में लीसा उड़ेलने के लिए मजबूर करने के मामले में ठेकेदार सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। इससे पहले वन विभाग ने संबंधित लोगों को राजस्व उप निरीक्षक के हवाले कर दिया था। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने पांचों बच्चों को स्कूल से बुलाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया। उन्होंने रिपोर्ट सामान्य बताई है।
29 जून को स्याल्दे ब्लाक के ग्राम पंचायत टिटरी के गुरना गांव निवासी पांच बच्चे चौना के जंगल में गए थे। उन्होंने खेल-खेल में लीसे के पेड़ों में लगाए कुछ गमले हटा दिए। इस पर लीसा ठेकेदार के तीन नेपाली मजदूरों ने उन्हें पकड़कर लीसे से भरे गमले उनके ऊपर उड़ेल दिए। बच्चों को खुद भी अपने ऊपर लीसा उड़लने के लिए मजबूर किया गया। बताया गया है कि लीसा पड़ने से बच्चों काफी परेशानी हुई। यह मामला कुछ दिन दबा रहा। पिछले दो दिनों से इससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद मामला फिर तूल पकड़ गया। मामले के जोर पकड़ता देख प्रशासन भी हरकत में आ गया है। वन विभाग ने तीनों नेपालियों को बृहस्पतिवार को राजस्व उप निरीक्षक के हवाले कर दिया।
मौके पर पहुंचे स्याल्दे के तहसीलदार जगदीश गिरी ने बताया कि मामले में एक बच्चे कृष्णा के पिता कुशल सिंह ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसके बाद नेपाली नीरज बौरा, मनोज बौरा और दर्शन धामी के अलावा ठेकेदार अंबादत्त सहित चार लोगों के खिलाफ पटवारी क्षेत्र चौना में धारा 323 व 355 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तहसीलदार और पटवारी यशपाल ने आरोपियों से पूछताछ भी की। बताया कि पांचों बच्चों को स्कूल से बुलवाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया पांचों बच्चे स्वस्थ हैं और रिपोर्ट भी सामान्य है।
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बच्चों पर लीसा डालने के मामले का जिला बाल कल्याण समिति ने लिया संज्ञान
अल्मोड़ा। स्याल्दे के गुरना गांव में पांच मासूम बच्चों के सिर में लीसा डालने और उनका उत्पीड़न करने की घटना को जिला बाल कल्याण समिति अल्मोड़ा ने गंभीरता से लिया है। जिला बाल कल्याण समिति ने किशोर न्याय अधिनियम की धारा-30 के अंतर्गत मामले का संज्ञान लेते हुए घटना पर विचार किया। पाया कि यह बच्चों की देखरेख, सुरक्षा और संरक्षण के विरुद्ध की गई कार्रवाई है। मामले की जांच और विधिक कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अल्मेाड़ा को पत्र भेजा है ताकि बच्चों के उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो सके।
बाल कल्याण समिति ने इसके अतिरिक्त चाइल्ड लाइन को भी निर्देशित किया है कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट जिला बाल कल्याण समिति अल्मेाड़ा के समक्ष पेश करें। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रघु तिवारी ने कहा कि जिले में किसी भी बच्चे के उत्पीड़न, देखरेख और संरक्षण के सवाल पर जिला बाल कल्याण समिति अल्मोड़ा गंभीर है। मिशन वात्सल्य के अंतर्गत प्रक्रियाओं के माध्यम से प्रत्येक बच्चे को सुरक्षा और संरक्षण प्रदान किया जाएगा।