रानीखेत (अल्मोड़ा)। सिंगोली गांव में तेंदुए की ओर से बुजुर्ग महिला कमला देवी (65) पर दिनदहाड़े हुए जानलेवा हमले के 10 दिन बाद भी वन विभाग की ओर से गांव में पिंजरा नहीं लगने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
ग्रामीणों ने कहा कि तेंदुआ महिला पर हमले के बाद गांव में मवेशियों को शिकार बना रहा है। पिंजरा नहीं लगने से ग्रामीणों को खतरा है। तेंदुए की दहशत से कई अभिभावक बच्चों को स्कूल भी नहीं भेज रहे हैं। ग्रामीणों का खेतों में काम करना और जंगल जाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाने, गश्त बढ़ाने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी तापस मिश्रा ने बताया कि वन विभाग ने क्षेत्र में चार कैमरा ट्रैप लगाए हैं। किसी भी कैमरे में तेंदुए की सक्रियता क्षेत्र में नहीं दिखाई देने से पिंजरा लगाने की अनुमति में देर रही है।