द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआईटी) के दैनिक नियत वेतनभोगी कर्मचारियों का विनियमितीकरण की एकसूत्री मांग को लेकर प्रशासनिक भवन परिसर में चल रहा धरना सोमवार को 20वें दिन भी जारी रहा। मांग पूरी न होने से कर्मचारियों में शासन और संस्थान प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
धरनारत कर्मचारियों ने बताया कि उनकी मांग के संबंध में संस्थान के निदेशक और कुलसचिव शासन स्तर पर वार्ता के लिए देहरादून गए हैं। हालांकि अब तक किसी भी सकारात्मक निर्णय या वार्ता की आधिकारिक जानकारी कर्मचारियों को नहीं मिली है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने निदेशक से स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक विनियमितीकरण के आदेश जारी नहीं हो जाते, तब तक संस्थान लौटने का कोई औचित्य नहीं है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी वर्षों पुरानी मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आमरण अनशन सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। कर्मचारियों के अनुसार अब उनके सामने करो या मरो जैसी स्थिति बन गई है। धरना स्थल पर सामाजिक कार्यकर्ता देव सिंह रावत और कृपाल सिंह सहित कई लोगों ने पहुंचकर कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान कर्मचारी संगठन अध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत, दीवान सिंह रावत, रघुवर सिंह, कुंदन रावत, विनेश कुमार, नरेश कुमार, धन सिंह अधिकारी, पुष्पा मठपाल, रुबी देवी, खजान चंद्र नौगाई समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।