बंधुवा मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी अग्निवेश पर बीते दिनों हुए हमले को लेकर विभिन्न संगठनों में उबाल जारी है। शुक्रवार को उलोवा, उपपा, यूकेडी, डीवाईएफआई, महिला समिति समेत विभिन्न संगठनों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर देश में कानून राज कायम करने और हिंसा के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को निर्देशित करने की मांग की।
डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में संगठनों ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का महत्व है लेकिन हिंसा का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि झारखंड सरकार के एक मंत्री हमलावरों के पक्ष में खड़े दिख रहे हैं। ऐसे मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने और हमलावरों में भारतीय संविधान के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में उलोवा के अध्यक्ष डा. शमशेर सिंह बिष्ट के अलावा विभिन्न संगठनों से जुड़े कपिलेश भोज, केवल सति, गणेश जोशी, शिवराज बनौला, योगेश कुमार, दिनेश चंद्र तिवारी, पूरन चंद्र तिवारी, हरीश मेहता, माधवी मेहता, रेवती बिष्ट, अजय सिंह मेहता, जगत सिंह रौतेला, कमला जोशी, प्रभा पांडे, भावना जोशी, गोविंद लाल वर्मा, मदन लाल साह, जीवन चंद्र, केपी मेहता, एनएस परिहार, प्रेम आर्या, पूरन चंद्र तिवारी, कृष्णा सिंह, आनंदी वर्मा, युसूफ तिवारी, सुनीता पांडे, केबी पांडे, प्रदीप गुरुरानी, एसएस कपकोटी, धनी साही, एनएल साह आदि शामिल थे।
कांग्रेस ने केंद्र व झारखंड की भाजपा सरकार का पुतला फूंका
अल्मोड़ा। स्वामी अग्निवेश के साथ भारतीय जनता युवा मोर्चा झारखंड के कार्यकर्ताओं द्वारा अभद्रता करने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को चौघानपाटा में केंद्र की मोदी सरकार तथा झारखंड की भाजपा सरकार का पुतला फूंका। इस मौके पर कांग्रेस नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला ने कहा स्वामी अग्निवेश के साथ इस तरह का व्यवहार करना दुर्भाग्यपूर्ण है। पुतला फूंकने वालों में नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष लता तिवारी, नगर अध्यक्ष किरन साह, तारा जोशी, राधा बिष्ट, अख्तर हुसैन, जिला प्रवक्ता राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, गोपाल खोलिया, विनोद वैष्णव, अवनी अवस्थी, कुंदन भंडारी, जगदीश तिवारी, परितोष जोशी, पंकज कांडपाल, नवाज खान, रमेश नेगी, यूथ जिलाध्यक्ष सुंदर मेहरा, मुकेश नेगी, कृष्णा लटवाल, सुंदर लटवाल, दीपक कुमार, विक्रम बिष्ट, गौरव जसवाल, किशन लाल, हिमांशु मेहता, निर्मल रावत, गजेंद्र मेहता, आशीष साह आदि शामिल थे। इधर पूर्व विधायक तथा संसदीय सचिव मनोज तिवारी ने झारखंड में स्वामी अग्निवेश के साथ हुई मारपीट तथा अभद्रता की निंदा की है।