स्ववित्त पोषित बीएड पाठ्यक्रम आम विद्यार्थी पर भारी पड़ रहा है। जिसके विरोध में छात्रसंघ के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को महाविद्यालय छात्रसंघ और बीएड के छात्र-छात्राओें ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल, उच्च शिक्षामंत्री के नाम का ज्ञापन प्राचार्य डा. एससी पंत सौंपा। इसमें बीएड पाठ्यक्रम के राज्यपोषित न होने पर आंदोलन की धमकी दी गई।
ज्ञापन में छात्रों का कहना है कि जिले में गरीब वर्ग की छात्रसंख्या काफी है। पीजी कालेज में एक साल के बीएड की व्यावसायिक कोर्स की सालाना फीस 32 हजार रुपए है जबकि अन्य खर्चे अलग से हैं। जो गरीब तबके पर भारी पड़ रही है। भारी फीस के कारण इस वर्ग के बच्चे बीएड नहीं कर पा रहे हैं। नए सत्र से बीएड दो साल का होने वाला है। दोगुनी फीस देना गरीब परिवारों के छात्रों के लिए और भी कठिन है।
बीएड न कर पाने से वे मानसिक तनाव में रहते हैं। उन्होंने कहा कि बीएड को शीघ्र स्ववित्त पोषित की जगह राज्य पोषित किया जाना चाहिए। अन्यथा आंदोलन की धमकी दी गई। ज्ञापन सौंपने वालों में छात्रा उपाध्यक्ष उमा परिहार, गोविंद चंदोला, भाष्कर टम्टा, अंकुर उपाध्याय, पुष्कर कनवाल, विजय परिहार, शैलेश तिवारी, सूर्या दफौटी, प्रमोद परिहार, रोहित पंत, भाष्कर, भुवन, गणेश आदि शामिल थे।